इनका कहना है
वन स्टॉप सेंटर में महिला आरक्षी प्रतिमा सहित चार महिला होमगार्डो की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन वहां की मूल जिम्मेदारी वन स्टॉप सेंटर के लोगों की होती है। दो किशोरियों के भागने की जानकारी के बाद रेलवे स्टेशन और बस स्टाफ में चेकिंग कराई गई। साथ ही जहां वह जा सकती है वहां पर दविश दी जा रही है।
सुशीला तिवारी, थानाध्यक्ष, महिला थाना
क्या है वन स्टॉप सेंटर
यहां पर पुलिस घरेलू हिंसा की शिकार महिला या घर से भागी नाबालिग उन किशोरियों को रखती है जो अदालत में धारा 164 के तहत बयान में अपने मां-बाप के साथ या परिवार के लोगों के साथ नहीं जाने की बात कहती है। दो से तीन दिन काउंसिलिंग करने के बाद भी अगर पीड़िता अपनों के पास जाने के लिए राजी नहीं होती तो उसे नारी निकेतन भेज दिया जाता है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई- एसपी
इस संबंध में कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा ने कहा कि लापता किशोरियों का मामला गंभीर है। इस प्रकरण में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सुरक्षा में नियुक्त महिला आरक्षी प्रतिमा को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच सीओ सदर को दी गई है। प्रकरण की जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया है।