करारी कोतवाली के म्योहर गांव में रविवार रात एक राजगीर बाबूलाल (50) ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। शराब पीने की लत के कारण दस दिन पहले उसका पत्नी से विवाद हुआ था। झगड़े के बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। सोमवार सुबह पड़ोसियों ने शव देखा तो ग्राम प्रधान को खबर दी। प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
म्योहर गांव निवासी बाबूलाल (50) राजगीर का काम करता था। शराब पीने की लत के कारण उसका अक्सर पत्नी से विवाद होता था। 10 दिन पहले भी उसका झगड़ा हुआ था। इसी वजह से पत्नी अपने मायके चली गई थी। उसी दिन नशा उतरने के बाद बाबूलाल पत्नी को मनाने अपनी ससुराल पवईया पहुंचा, लेकिन पत्नी ने साथ आने से साफ मना कर दिया। अगले दिन फिर बाबूलाल लाल ससुराल गया और बिरादरी की पंचायत में पत्नी से माफी मांगी।
इसके बाद भी पत्नी साथ आने को राजी नहीं हुई। पत्नी के नहीं आने से बाबूलाल काफी परेशान रहता था। सोमवार सुबह पड़ोसियों ने देखा कि बाबूलाल का शव घर के बरामदे की बीम के सहारे फंदे से लटक रहा था। इस पर लोगों ने घटना की जानकारी प्रधान बलराम सिंह सिंगरौर को दी। मौके पर पहुंचे प्रधान ने अर्का महावीरपुर चौकी पुलिस को खबर दी। पुलिस ने बाबूलाल की ससुराल वालों को खबर करने के बाद लाश पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बीमार मां का हवाला देने पर भी नहीं मानी पत्नी
करीब एक साल पहले बाबूलाल की मां का पैर टूट गया था। वह चलने-फिरने में असमर्थ थी। पत्नी के मायके चले जाने के बाद बाबूलाल को ही उसके लिए खाना बनाना पड़ता था। दिन भर मजदूरी करने के बाद थकाहारा शाम को जब वह घर लौटता तो खाना बनाता। पड़ोसियों का कहना था कि खाना बनाते वक्त अक्सर बाबूलाल रोया करता था। वह पत्नी को मनाने कई बार ससुराल भी जा चुका था। इसी वजह से दो दिन पहले बाबूलाल ने अपनी मां को मौसी के घर छोड़ आया। रविवार को फिर वह पत्नी को बुलाने गया, लेकिन वह नहीं मानी। इसके बाद घर आकर उसने खुदकुशी कर ली।
बाबूलाल की तीसरी पत्नी थी गुड़िया
बाबूलाल के पहली पत्नी की मौत हो चुकी थी। उसके बाद उसने दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी से संतान नहीं हुई तो वह उसे छोड़कर चली गई। इसके बाद बाबूलाल ने पवईया की गुड़िया के साथ तीसरी शादी की। इस पत्नी ने तीन संतानें हुईं। सबसे बड़ा बेटा मुंबई में निजी कंपनी में काम करता है। बाकी दोनों बच्चे अपनी मां के साथ ही ननिहाल गए हुए थे।