कोखराज की रहने वाली नाबालिग अलका (परिवर्तित नाम) परिवार और पंचायत के जुल्मों सितम की जिंदा कहानी है। वह भरे पंचायत में चीख चीख गुहार लगाती रही कि उसके साथ उसके चाचा ने रेप किया है लेकिन पिता और पंचायत ने उसके सामने फरमान सुना दिया कि रेप चाचा ने नहीं बल्कि उसकी बहन के देवर ने किया है। न सिर्फ फरमान सुनाया बल्कि पीड़ित की शादी उसकी बहन के देवर से जबरन कर वहीं विदा कर दी। नाबालिग से बेइंसाफी की खबर बाल कल्याण समिति तक पहुंची तो शुक्रवार को पिता और पंचायत में शामिल दो प्रधानों समेत 21 के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई।
कोखराज इलाके की अलका के साथ 2017 में उस वक्त दुराचार किया गया था जब वह महज 14 साल की थी। उसका आरोप था कि उसके सगे चाचा ने उसके साथ दुराचार किया जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। घर वालों को जब पता चला हंगामा खड़ा हो गया। पिता ने अलका के आरोपों को अनसुना कर बहन के देवर पर रेप का आरोप लगाया। दोनों परिवारों में पंचायत होती रही। अलका की आवाज को मारपीट कर दबा दिया गया। 2018 जनवरी में गांव में पंचायत बुलाई गई। इसमें दो गांवों के प्रधान समेत 21 लोग शामिल हुए। अलका अपने चाचा पर आरोप लगाती रह गई। खाप के शोर में उस नन्हीं जान की आवाज दबकर रह गई।
उसकी किसी ने नहीं सुनी। बहन के देवर के परिवार को बुलाया गया था। वहीं उसकी शादी कर बहन के देवर से विदा कर दिया। ससुराल जाने के बाद उसने अपने पति को विश्वास में लिया। फरवरी में अलका थाने पहुंची तो चाचा के खिलाफ कोखराज कोतवाली में रेप का मुकदमा दर्ज करा दिया। अलका के पिता ने भाई को बचाने के लिए कुछ दिन बाद अलका के पति के खिलाफ अपहरण और दुष्कर्म की रिपोर्ट पइंसा थाने में दर्ज करा दी।
पइंसा पुलिस ने अलका को उसके ससुराल से बरामद किया और नौ मई 2018 को उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समित ने इस मामले में जांच की और पाया कि अलका सही बोल रही है। समिति के विनय मिश्रा ने शुक्रवार को अलका के पिता, दोनों गांवों के प्रधान और पंचायत में मौजूद लोगों के खिलाफ जबरन बाल विवाह की रिपोर्ट दर्ज कराई। अलका के बच्चे का पिता कौन है, इसका फैसला अब डीएनए टेस्ट से होगा।
चीखती-चिल्लाती रही अलका, मासूम के आंसुओं ने परिजन पसीजे न पंचायत
रिश्ते के बहनोई संग विवाह करने को कतई राजी नहीं थी पीड़िता
- पंचायत ने मार डालने की धमकी देकर किया था विदा
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की तर्ज पर हुई इस खाप पंचायत का फैसला अलका को कतई मंजूर नहीं था। फैसले के विरोध में वह चीखती-चिल्लाती रही। पर, न पंचायत में बैठे गांव के दबंग पसीजे ने परिवार वाले। यहां तक कि मां समेत अन्य लोग भी अलका के विरोध में खड़े रहे।
अलका ने बताया कि जब चाचा ने उसे हवस का शिकार बनाया तो वह डर के मारे किसी से कह नहीं पाई। वह घटना से कुछ दिन पहले अपनी बहन के घर गई थी। जब वह गर्भवती हुई तो पिता और घर वाले उसकी बहन के देवर पर शक जताने लगे। वह चाचा की सच्चाई बताने के लिए गुहार लगाती रही लेकिन कोई उसकी बात नहीं माना। पंचायत में भी अलका चीख-चीखकर कह रही थी कि चाचा ने दरिंदगी की है।
पंचायत में शामिल लोग एक बार उसकी बात सुनने के लिए कहने लगे लेकिन पिता अड़े रहे कि वह झूठ बोल रही है। बच्चा बहन के देवर का ही है। पिता के दबाव में फैसला सुनाया गया कि अलका के बच्चे का पिता बहन का देवर है। वहीं उसकी शादी बहन के देवर संग करने का तुगलकी फरमान सुना दिया। अलका दया की भीख मांगती रही। किसी ने रहम नहीं किया तो मां के सीने से लिपटकर शादी नहीं कराने के लिए कहने लगी। अफसोस कि मां को भी दया नहीं आई। अंत में अलका को बहन के देवर संग विदा करा दिया गया। बाद में कानून का सहारा लेते हुए उसने चाचा के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज करा दी।
चाचा-देवर और बच्चे का होगा डीएनए
बाल कल्याण समिति के सदस्य मो. रेहान ने बताया कि पइंसा पुलिस ने अलका को नौ मई 2018 को जब समिति के सामने पेश किया तो उसकी गोद में अबोध बालक था। अलका की आपबीती सुनकर समिति के सदस्य दंग रह गए। उन्होंने प्रकरण में एक-एक पहलू पर बारीकी से जांच की। नतीजा रहा कि दोषी सलाखों के पीछे पहुंचने की कगार पर पहुंच गए हैं। समिति सदस्य ने बताया कि बच्चे के साथ पीड़िता के चाचा और उसकी बहन के देवर का भी डीएनए होगा। इसके बाद ही अधिकारिक तौर पर कहा जा सकता है कि बच्चा किसका है। डीएनए के लिए लिखापढ़ी कर दी गई है।
बहन ने कदम कदम पर दिया अलका का साथ
अलका ने बताया कि बहन, बहनोई और बहन के देवर ने कदम-कदम पर उसका साथ दिया। पंचायत के फैसले के बाद जब वह बहन के देवर संग गई तो उस पर कोई जुल्म नहीं किया गया। आरोपी चाचा के खिलाफ एफआईआर लिखवाने में मदद की। बाल कल्याण समिति ने पूछताछ के बाद अलका को महिला शरणालय प्रयागराज भेज दिया था। बाद में बहन ही उसे कोर्ट से आदेश कराकर अपने घर ले गई। अब अलका बहन के साथ ही है।
इनका कहना है
एफआईआर लिखकर प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा।
राजकुमार शर्मा-इंस्पेक्टर, कोखराज