किसान हरन पटेल की मौत के तीसरे दिन गुरुवार को प्रशासन की ओर से सीएमओ डॉ. पीएन चतुर्वेदी उसके गांव डेलसेहिया पहुुंचे। परिजनों से मिल घटना की जानकारी ली और हर संभव मदद का अश्वासन दिया। बोले बकाया विद्युत बिल अर्जेस्ट कराने के साथ ही कालोनी भी दिलाने का प्रयास करेंगे।
सैनी क्षेत्र के डेलसेहिया निवासी हरन पटेल पुत्र स्व. राम आसरे ने 14 मई को फंासी लगाकर आत्म हत्या कर लिया था। हरन दो साल से कैंसर पीड़ित था। इसी बीच उसके नलकूप का चार लाख से अधिक बकाया होने पर बिजली विभाग ने आरसी जारी कर दिया। परिजनों का कहना है कि बीमारी और कर्ज से परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया था। घटना से प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया। घटना वाली शाम ही तहसीलदार सिराथू ने मृतक के घर पहुंचकर पीड़ित परिवार के साथ ही पड़ोसियों का बयान दर्ज किया। तहसील प्रशासन के मुताबिक किसान हरन पटेल ने कर्ज नहीं बल्कि बीमारी से तंग होकर खुदकुशी किया है।
हरन की मौत के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को सीएमओ डॉॅ. पीएम चतुर्वेदी पीड़ित किसान परिवार से मिलने के लिए डेलसेहिया गांव पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी। कहा कि संकट की इस घड़ी में स्वास्थ्य विभाग उनके साथ है। वे बिजली के बकाए बिल की समस्या हल कराने के साथ ही कालोनी भी दिलाने का प्रयास करेंगे। सीएमओ को परिजनों ने बताया कि दो साल पहले गले में सूजन की शिकायत पर एसआएएन में दिखाया था। बाद में हरन बांदा के किसी वैद्य के पास जाकर इलाज करवा रहा था।