पूर्व मंत्री पर वैश्य समाज का अपमान करने का आरोप
विधायक ने साफ तौर पर आगाह करते हुए कहा कि जलेबी तो यादव,मौर्या वैश्य और अन्य समाज के लोग व अन्य संप्रदाय के लोग भी बनाते हैं। किसी व्यापारियों पर जातिगत टिप्पणी करना यह अशोभनीय है । वैश्य समाज के प्रति उनका संदेश गलत है, इसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व चेयरमैन गंगा प्रसाद काले, जगदीश शिवहरे, व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष प्रवेश केसरवानी,शंकर लाल केशरवानी, पिछड़ा मोर्चा जिला महामंत्री सूरज यादव, सुधीर केसरवानी, सुभाष कुमार गुप्ता, पवन त्रिपाठी, युवा मोर्चा जिला महामंत्री हर्ष केसरवानी, जितेंद्र मिश्रा, शिवम तिवारी सहित सैकड़ों की तादात में व्यापारी मौजूद रहे और सभी व्यापारियों ने कहा कि मैं भी जलेबी वाला हूं और जलेबी वाले के साथ हूं हमारा सौभाग्य है कि हमारा विधायक जलेबी वाला है जो सर्व समाज की चिंता करता है और सभी के सुख दुख में पहुंचकर हिस्सा लेने वाले पहले विधायक हैं।
डबल इंजन की सरकार ने देश को बर्बाद कर दिया-इंद्रजीत
विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपने हारने के डर सता रहा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने किसान बिल को वापस लेते हुए किसानों से क्षमा मांगा है। यह सब भाजपा के चुनावी सगूफे है। जो देश की जनता को गुमराह कर रहें है। भाजपा सरकार के मंसूबे देश की जनता के प्रति साफ नहीं है। इसलिए इस प्रकार की पैतरेबाजी भाजपा लोग कर रहे हैं। यह बातें समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज ने सभा में कही।
कहा कि भाजपा सरकार लगातार बढ़ती हुई महंगाई, बेरोजगारी को रोकने के बजाय वह जनता को गुमराह कर रही है। सरकार की इन नीतियों से प्रदेश की जनता त्रस्त हो चुकी है। आने वाले समय में जनता की नाराजगी का यह सैलाब संकेत दे रहा है कि 2022 में सपा की सरकार बनेगी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बनेंगे। केंद्र सरकार ने जो कृषि कानून बिल वापस लिया गया है वह किसानों के संघर्षों की जीत हैं। इसमें भाजपा सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में आपने हारने के डर सता रहा था।
इसी कारण से देश के प्रधानमंत्री मोदी ने किसान बिल को वापस लेकर किसानों से माफी मांगा है। लेकिन देश का किसान प्रधानमंत्री के इन बातों के झांसे में नहीं आने वाला। वह आगामी विधानसभा चुनाव में सपा की अखिलेश सरकार को ही चुनेगा। जनसभा में उन्होंने किसानों को इस जीत की बधाई दिया और कहा कि यह फैसला मोदी ने विधानसभा चुनाव को व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के विजय रथ यात्रा के दौरान रात भर उमड़ी भीड़ को देखकर लिया हैं।
मोदी डर गए हैं, जिस प्रकार किसान वर्षों से कृषि कानून बिल वापसी को लेकर आंदोलन कर रहा है अगर यही फैसला पहले हो जाता तो आज हजारों किसान शहीद न होते। समाजवादी पार्टी मांग करती हैं कि जो किसान अंदोलन के दौरान शहीद हुए हैं उनके परिजनों को आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दें। कार्यक्रम में चायल के पूर्व विधायक आसिफ जाफरी, जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव, प्रदीप चौधरी, उधोश्याम यादव, आनंद मोहन पटेल, अनवार खान, परवेज अख्तर शीला द्विवेदी, सोनी चौधरी रामखेलावन यादव, पंकज सिंह आदि लोग मौजूद रहे।