दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अजय को अपहरण समेत किशोरी से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने अजय के खिलाफ 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि अपहरण में सहयोगी अरविंद उर्फ नाटे को 10 वर्ष के कठोर कारावास समेत दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पीड़िता को मिलेगा 45 हजार रुपये प्रतिकर
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद अभियुक्तों पर लगाए गए अर्थदंड में से 45 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। इसमें मुख्य आरोपी पर लगाए गए 40 हजार की समूची धनराशि व मददगार पर लगाए गए जुर्माने की आधी धनराशि पांच हजार रुपये शामिल है। दूसरी ओर अभियुक्तों ने सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने की बात कही है। यह धनराशि अपील का निस्तारण होने के बाद ही पीड़िता को पॉक्सो कोर्ट के जरिये मुहैया कराई जाएगी।