मासूम दिव्यांशी को क्या पता अब नहीं रहे मां व भाई
दुर्घटना में बाल-बाल बची मृतका सुनीता की तीन वर्षीय बेटी मौके पर जुटी भीड़ को देख हक्का-बक्का थी। उसे नहीं मालूम था कि मां और भाई अब दुनिया में नहीं रहे। दिव्यांशी के घर से जब परिवार के लोग रोते-बिलखते पहुंचे तो मासूम की आंखों में आंसू भर आए। घरवाले दिव्यांशी को कलेजे से लगा दहाड़ मारकर रो रहे थे।
काश! सुनीता मायके वालों की बात मान लेती
सुनीता व उसके मासूम बेटे कार्तिक की ट्रैक्टर से कुचल कर मौत हो जाने की खबर से उसके मायके टेकारी में भी कोहराम मच गया। मायके से तमाम लोग रोते बिलखते सिराथू पहुंचे। महिलाएं रो-रोकर कह रहीं थी कि सुनीता को आज जाने से कई बार रोका गया, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। अगर सुनीता बात मान लेती तो यह दुखद मंजर नहीं देखना पड़ता।