आखिर कहां गए खुशनुमा के जेवर व घर के कागजात
खुशनुमा के भाई मुफीस ने बताया उसकी बहन की शादी 11 साल पहले दरियापुर के शमशाद से हुई थी। शादी के बाद दो बेटे हुए। इसके बाद पति-पत्नी में विवाद होने लगा। इस पर खुशनुमा करारी में किराए का कमरा लेकर बच्चों के साथ रहने लगी। तीन साल पहले मायके वालों ने खुशनुमा को करारी के नयागंज में घर खरीदकर दिया। भाई का कहना है कि मदरसा शिक्षक हैदरअली का बहन से प्रेम-प्रसंग था। हैदरअली करारी वाला घर अपने नाम कराना चाहता था। खुशनुमा की मौत के बाद जब मायके वाले उसके घर गए तो वहां बहन के जेवर व घर के रजिस्ट्री के कागजात गायब थे।