कौशाम्बी संसदीय सीट के लिए गुरुवार को नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी गिरीश पासी सहित 17 लोगों ने नामांकन दाखिल किया। इसे लेकर इस संसदीय सीट पर चुनाव लड़ने वालों की संख्या 22 हो गई है।
कांग्रेस प्रत्याशी गिरीश पासी ने गुरुवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा के समक्ष तीन सेटों में नामांकन दाखिल किया। उन्होंने अपने नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में दावा किया कि उनके पास 45 हजार और पत्नी शिखा सरोज के पास 37 हजार रुपया नकद है।
गिरीश के पास कुल चल संपत्ति 80 लाख 95 हजार रुपये हैं। जबकि पत्नी के पास एक करोड़ 58 लाख 67 हजार की संपत्ति है। गिरीश के पास एक करोड़ 50 लाख की अचल संपत्ति है जबकि उनकी पत्नी के पास दो करोड़ की संपत्ति है। पति-पत्नी पर विभिन्न बैंकों की देयता है।
गिरीश पर एक करोड़ 16 लाख 70 हजार और उनकी पत्नी पर 92 लाख 90 हजार की देनदारी है। गिरीश के अलावा निर्दल प्रत्याशी के तौर पर दूधनाथ, प्रदीप कुमार, महेश प्रसाद, बच्चालाल, राम सुमेर, गेंदलाल, शैलेंद्र कुमार, सुनील कुमार, राम मिलन, छेद्दू, शैलेंद्र कुमार, बाबू लाल, ओम दुर्गा शक्ति, लीलावती, शत्रुघन, शैलेंद्र आदि ने नामांकन किया। इस तरह से जिले में नामांकन के अंतिम दिन तक 22 लोगों ने अपना नामांकन दाखिल किया है।
अपहरण और बलवा जैसे मामलों के आरोपी हैं कांग्रेस प्रत्याशी
कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी गिरीश पासी के खिलाफ अपहरण, बलवा जैसे संगीन मामले दर्ज है। गिरीश ने अपने शपथ पत्र में चार मुकदमों का हवाला दिया है। हालांकि सभी मामले कोर्ट में विचाराधीन बताए गए हैं। गिरीश पासी ने राजनैतिक सफर नेवादा विकास खंड से शुरू किया। गिरीश और उनकी पत्नी शिखा सरोज नेवादा की ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं।
इसके बाद गिरीश ने बसपा का दामन थाम लिया। वर्ष 2009 का लोकसभा चुनाव गिरीश ने बसपा के टिकट पर लड़ा था। हालांकि इस चुनाव में वह सपा के शैलेंद्र कुमार से हार गए थे। गिरीश को 190712 मत मिले थे। वह दूसरे स्थान पर थे। गिरीश ने अपने नामांकन में आय का जो ब्योरा दिया उसमें एक कंपनी में निवेश की भी बात कही गई है। पुलिस ने गिरीश के खिलाफ गुंडा एक्ट की भी कार्रवाई की थी।