33 साल ही पहले मृत महिला की जगह दूसरी को खड़ा कर भूमिधरी जमीन का करा लिया बैनामा
अभिलेखों में हेराफेरी करने के आरोप में महिलाओं समेत 11 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर (कौशाम्बी)। पिपरी कोतवाली के नूरपुर हाजीपुर गांव की एक भूमि का जालसाजों ने अभिलेखों में हेराफेरी का बैनामा करवा लिया गया। जबकि, महिला की मौत 33 साल पहले ही हो चुकी है। कोर्ट के आदेश और पीड़ित बेटे की तहरीर पर रविवार को पुलिस ने महिलाओं समेत 11 जालसाजों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नूरपुर हाजीपुर निवासी इकबाली सिंह ने बताया कि उसकी मां ऊषा देवी की वर्ष 1982 में मौत हो चुकी है। इसके बाद से वह समस्त संपत्ति का वारिस हो गया। इसके बाद भी पांच नवंबर 2015 को प्रयागराज के करैली निवासी पप्पू आदि ने अभिलेखों में हेराफेरी कर उसकी भूमिधरी जमीन का बैनामा करा लिया। भूमि का नामांतरण होने की सूचना पर जालसाजी की जानकारी हुई तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उपनिबंधक कार्यालय से पता करने पर जानकारी हुई कि जालसाजों ने उसकी मृत मां की जगह किसी दूसरी महिला को खड़ा कर बैनामा कराया है। अदालत में वाद दायर करने पर 2019 में ही कोर्ट ने बैनामा निरस्त कर दिया। इसके बाद भी जालसाज उक्त भूमि पर दावा ठोक रहे हैं। तहरीर के बावजूद थाना पुलिस से इंसाफ नहीं मिलने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश और पीड़ित की तहरीर पर रविवार को कोतवाली पुलिस ने पप्पू पाल उसके भाई दिनेश पाल, राजेश पाल, परिवार के भारत पाल, नन्हू, राधेश्याम, रणजीत सिंह, सविता देवी, किरन देवी के साथ कथित विक्रेती अज्ञात महिला समेत 11 जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।