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Kaushambi News: दहेज हत्या के दोषी पति व सास-ससुर को आठ वर्ष की सजा, जुर्माना

Mon, 06 May 2024 08:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
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अ​भियुक्त बबुआइन उर्फ शांति देवी,बाबू लाल उर्फ बब्बू, राजेंद्र रैदास। स्रोत: पुलिस मीडिया स
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दहेज हत्या के दोषी पति व सास-ससुर को आठ वर्ष की सजा, जुर्माना
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क्रासर-सात वर्ष पहले दहेज के लिए करारी में आग के हवाले कर दी गई थी विवाहिता
फोटो नं-11
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अपर जिला जज/फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम आभा पाल ने सोमवार को दहेज हत्या के दोषी पति तथा सास-ससुर को आठ-आठ वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने तीनों दोषियों को नौ-नौ हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
वादी अभियोजन के अनुसार पिपरी कोतवाली के असरावल खुर्द के राजा रैदास ने अपनी बेटी सन्नो का विवाह करारी क्षेत्र के रसूलपुर सोनी के राजेंद्र रैदास के साथ 25 अप्रैल 2012 को किया था। शादी के बाद से ही सन्नो के पति व सास-ससुर दहेज में 50 हजार रुपये व बाइक की अतिरिक्त मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे।
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राजा के बेटे गुलाब के मोबाइल पर 7 मार्च 2017 की रात सन्नो के ससुराल से मिस्ड काॅल आई। गुलाब ने पलटकर फोन किया तो ननद गुडि़या ने बताया कि सन्नो ने खुद को आग लगा ली है और बोलने की हालत में नहीं है। जब वह परिजनों के साथ रसूलपुर पहुंचा तो देखा कि सन्नो आग से जलकर कराह रही थी।
इस पर उसे इलाज के लिए प्रयागराज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान 9 मार्च 2017 को सन्नो की मौत हो गई। वरिष्ठ पुलिस अफसरों के निर्देश पर 4 अप्रैल 2017 को पति राजेंद्र रैदास, ससुर बाबूलाल उर्फ बब्बू व सास बबुवाइन उर्फ शांति देवी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
विवेचनात्मक कार्रवाई कर पुलिस ने तीनों को जेल भेजते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अपर जिला जज आभा पाल की अदालत में मुकदमा चला।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता पुरुषोत्तम लाल गुप्ता ने वादी मुकदमा समेत कुल 8 गवाहों को अदालत में पेश कर गवाही कराई। दोनों ओर से की गई बहस को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्य देखने के बाद सोमवार को अदालत ने उक्त फैसला सुनाया।
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वादी बोला: बहुत कम दी गई दोषियों को सजा
मंझनपुर। सात वर्ष तक इंसाफ के लिए मृतका के पिता राजा रैदास निरंतर अदालत आकर पैरवी करते रहे। सोमवार को जब कोर्ट ने फैसला सुनाया तो वह फफक कर रोने लगे। बोले, मेरी बेटी की निर्मम हत्या के लिए सिर्फ आठ वर्ष की सजा नाकाफी है। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने के लिए हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया जाएगा। संवाद
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