एक कुप्पी युद्ध लगभग पांच मिनट का होता है और जैसे ही सीटी बजाई जाती है कुप्पी युद्ध बंद हो जाता है। दो दिनों के बीच में कुल सात युद्ध होते हैं। पहले दिन चार और दूसरे दिन तीन युद्ध होते हैं। इस युद्ध में चाहे जिसको जितनी भी चोट लग जाए, लेकिन सेनानी उस चोट में रणभूमि की मिट्टी लगाकर फिर युद्ध के मैदान में उतर जाते हैं।
कड़ा दारानगर के ऐतिहासिक श्री रामलीला कमेटी के 244 वर्ष का ऐतिहासिक कुप्पी युद्ध मंगलवार एवं बुधवार को होगा। यह युद्ध इतना विकराल होता है कि देखने वालों की रूह कांप जाती है। राम और रावण दल के सेनानी प्लास्टिक की बनी कुप्पी से आमने-सामने एक दूसरे पर प्रचंड प्रहार करते हैं। इस कुप्पी युद्ध को छुड़ाने के लिए कमेटी के पदाधिकारी निर्धारित होते हैं। सीटी बजते ही कुप्पी युद्ध प्रारंभ हो जाता है।
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एक कुप्पी युद्ध लगभग पांच मिनट का होता है और जैसे ही सीटी बजाई जाती है कुप्पी युद्ध बंद हो जाता है। दो दिनों के बीच में कुल सात युद्ध होते हैं। पहले दिन चार और दूसरे दिन तीन युद्ध होते हैं। इस युद्ध में चाहे जिसको जितनी भी चोट लग जाए, लेकिन सेनानी उस चोट में रणभूमि की मिट्टी लगाकर फिर युद्ध के मैदान में उतर जाते हैं।
कमेटी के अध्यक्ष आद्या पांडे ने बताया कि यह कुप्पी युद्ध की परंपरा जब से रामलीला शुरू हुई है तब से निभाई जा रही है। यह कुप्पी युद्ध यहां की रामलीला की विशेषता है, जिसे देखने के लिए लाखों की संख्या में लोग जिले ही नहीं दूसरे जिले से भी आते हैं।
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हर जगह रावण विजयदशमी को मारा जाता है, लेकिन दारानगर की रामलीला में रावण वध एकादशी को होता है, मान्यता यह है कि जब भगवान राम ने रावण का वध किया था तो उस समय दशमी थी, लेकिन जब रावण के प्राण पखेरू उड़े हैं उस समय एकादशी की तिथि लग गई थी। इसलिए दारानगर की रामलीला में रावण वध एकादशी यानी विजयदशमी के दूसरे दिन होता है।