रविवार को पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी राधेश्याम ने बताया कि हमीरपुर जिले के शिव विशाल त्रिवाठी कौशाम्बी में स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निरीक्षक पद पर नियुक्त थे। उनका बैंक खाता एसबीआई में था।
स्वास्थ्य विभाग विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी के खाते से जालसाजों ने एनीडेस्क के जरिए (मोबाइल रिमोट कंट्रोल) एप डाउनलोड करके 3.88 लाख रुपये पार कर दिए। समय रहते ठगी की जानकारी होने पर स्वास्थ्यकर्मी ने मामले की शिकायत 25 अगस्त को एसपी राधेश्याम विश से की। एसपी ने प्रकरण की जांच साइबर सेल को सौंपी तो एक्टिव हुई टीम ने महज 12 घंटे में 3.62 लाख रुपये कर्मी के खाते में वापस करा दिए। बाकी का पैसा जालसाजों ने गेटवे व इलेक्ट्रिॉनिक बिल के जरिए खर्च कर डाला था।
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रविवार को पुलिस ऑफिस में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान एसपी राधेश्याम ने बताया कि हमीरपुर जिले के शिव विशाल त्रिवाठी कौशाम्बी में स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य निरीक्षक पद पर नियुक्त थे। उनका बैंक खाता एसबीआई में था। 25 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद का परिचय बैंककर्मी के रूप में दिया। केवाईसी बनवाने का लालच देकर बैंक व एटीएम से जुड़ी सारी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद उसी दिन उनके खाते से 3.88 लाख रुपये कट गए।
इसकी शिकायत शिव विशाल ने एसपी से की। एसपी ने प्रकरण की जांच साइबर सेल के प्रभारी विनोद सिंह. सीसीओ अखिलेश उपाध्याय को सौंपी। शिकायत पर सक्रिय हुई टीम ने तकनीक का सहारा लेकर शिव विशाल का 3.62 लाख रुपये महज 12 घंटे के अंदर उनके खाते में वापस करा दिए। इस पर पुलिस ऑफिस पहुंचे शिव विशाल ने एसपी राधेश्याम को सम्मान पत्र सौंपा है।