चार दिन पहले अपने मजदूर के साथ घोड़ी का इलाज कराने निकले किसान का शव सोमवार को एडहरा गांव के पास ससुर खदेरी नदी में मिला। किसान के शव मिलने की सूचना पर परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची करारी और चरवा कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। चरवा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोखराज कोतवाली के सिकंदरपुर बजहा गांव निवासी ज्ञानबाबू (45) किसानी करता था। ज्ञानबाबू ने घोड़ी पाल रखी थी। शुक्रवार को ज्ञानबाबू गांव के ही छेद्दू के साथ अपनी घोड़ी का इलाज कराने करारी कोतवाली के सनई सल्लहा गांव गया था।
शाम को दोनों घोड़ी पर सवार होकर घर लौट रहे थे। छेद्दू के मुताबिक दोनों ने सल्लहा में शराब पी। ज्यादा नशा होने के कारण ज्ञानबाबू कई बार रास्ते में रास्ते में गिर गया। इसके बाद जैसे ही वह लोग एडहरा के पास ससुर खदेरी नदी को पार कर रहे थे, तभी ज्ञान बाबू नदी में गिर गया। छेद्दू के मुताबिक इस दौरान घोड़ी भागने लगी।
किसी तरह घोड़ी को पकड़ कर वह सिरियांवा गांव में बांध कर जब वापस आया तो ज्ञान बाबू वहां नही था। छेद्दू ने इसकी सूचना परिजनों को दी। शनिवार व रविवार को चरवा पुलिस ने गोताखोरों की मदद ली। लेकिन ज्ञान बाबू का कुछ पता नहीं चला।
सोमवार को ज्ञान बाबू की लाश नदी में उतराती दिखाई दी। सूचना पर परिजन रोते बिलखते मौके पर पहुंचे। जानकारी पर करारी व चरवा की पुलिस पहुंची। चरवा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ज्ञान बाबू की पांच बेटियां सोनी, मोनी, छोटी, सालू व रिशु तथा एक बेटा सुभम है।
सीमा विवाद में उलझी रही करारी व चरवा पुलिस
सोमवार को ससुर खदेरी नदी में मिली लाश की सूचना पर करारी व चरवा कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची। चरवा पुलिस का कहना था कि लाश करारी क्षेत्र में मिली है। जबकि करारी पुलिस का कहना था कि नदी का दूसरा किनारा चरवा कोतवाली में आता है। मामले का हल निकालने के लिए एसडीएम चायल को बताया गया।
एसडीएम ने मौके पर हल्का लेखपाल भेजा। हल्का लेखपाल ने बताया कि लाश चरवा क्षेत्र में मिली है। इसके बाद चरवा पुलिस ने शव को पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
four day leter, body found in sasur khaderi river- फोटो : KAUSHAMBI