eight peples injured in fighting over land dispute
चरवा कोतवाली के पिपरी गांव में बुधवार को जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ है। इसमें दोनों पक्षों की तरफ से पांच महिलाएं और तीन पुरुषों को गंभीर चोटें आईं है। मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ है। मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से पांच पांच लोगों को नामजद करते हुए घायलों को डाक्टरी के लिए जिला अस्पताल भेजा है। घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति है।
चरवा कोतवाली के पिपरी निवासी महेंद्र सिंह और बलवंत सिंह के बीच जमीन के एक हिस्से पर निर्माण को लेकर करीब एक सप्ताह से विवाद चल रहा है। महेंद्र सिंह का आरोप है कि उसके निर्माणाधीन बाउंड्री को बलवंत सिंह आदि लोगों ने मंगलवार को जबरन गिराना शुरू कर दिया। विरोध करने पर आरोपितों ने लाठी डंडा और ईंट पत्थर चला कर मारपीट किया। इसमें दोनों पक्षों की तरफ से आठ लोगों को गंभीर चोटें आईं। करीब बीस मिनट तक हुई मारपीट की घटना का वीडियो जब वायरल हुआ तो थाना पुलिस भी हरकत में आई। मौके पर पहुंची चरवा पुलिस ने आनन फानन में घायलों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल के भर्ती कराया और मामले में दोनों पक्षों की तहरीर पर दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति है। मारपीट के वायरल हो रहे वीडियो को लेकर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी है।
कुएं में गिरे मवेशी को बचाया
सिराथू। सैनी कोतवाली क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव के कल्लू पुत्र सूरजपाल की गाय बुधवार दोपहर एक कुएं में गिर गई। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों की मदद से गाय को निकालने का काफी प्रयास किया गया, लेकिन गाय नहीं निकाली जा सकी। तब ग्रामीणों फायर बिग्रेड के कर्मियों को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम में शामिल मोहन पाल, रामबाबू गुप्ता के सहयोग से ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भरत लाल की मौजूदगी में गाय को सकुशल कुएं से बाहर निकाल लिया गया।
सौंरई बुजुर्ग के भदहीं मेले में निकला राम डोला
दो दिवसीय मेले का लोगों ने उठाया लुत्फ
कड़ा। विकास खंड कड़ा क्षेत्र के सौंरई बुजुर्ग गांव में बुधवार को दो दिवसीय भदहीं मेला सकुशल संपन्न हो गया। इस दौरान राम डोला निकालकर गांव की परंपरा को पूरा किया गया। मेले के पहले दिन मंगलवार को परंपरा के अनुसार इनामी दंगल आयोजित हुआ। दूसरे दिन बुधवार को मेले का आयोजन किया गया। जहां लोगों ने जरूरत के सामानों की खरीददारी की।
मेले में लगे झूले का महिलाओं व बच्चों ने जमकर लुत्फ उठाया। साथ ही निकाली गई झांकियों को देख लोग मंत्रमुग्ध हो गए। मेले में मुख्य आकर्षण का केंद्र ग्रामीणों द्वारा निकाला गया राम डोला रहा। जिसे गांव के श्रीराम जानकी मंदिर से निकाला गया। राम डोला में भगवान श्रीकृष्ण की पालकी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। भगवान की पालकी को चार लोग अपने कंधे पर उठाए हुए थे। पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण कराते हुए राम सागर तालाब में पालकी को जल विहार कराया गया। ग्रामीणों की ऐसी मान्यता है कि जल विहार के दौरान ही प्रभु पूरे मेले का अवलोकन करते हैं और अपना आशीर्वाद ग्रामीणों को देते है। जल विहार के बाद प्रभु की पालकी को पुन: श्रीराम जानकी मंदिर ले जाया गया।