करारी ईदगाह में ईद उल अजहा पर्व में नमाज अदा करते अकीदतमंद
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रविवार को त्याग, मोहब्बत व भाईचारे का त्योहार ईद-उल-अजहा शांति व सादगी के साथ परंपरागत तरीके से मनाया गया। ईद-उल-अजहा की नमाज जिले की सभी ईदगाहों व मस्जिदों में अमनो अमान व भाईचारे की दुआ के साथ मुकम्मल हुई। इसके बाद सभी ने गले मिल कर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी।
बकरीद को लेकर शनिवार की शाम ही लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। त्योहार को लेकर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बच्चे एवं महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। सुबह बकरीद की नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक दूसरे को गले मिल कर त्योहार की मुबारकबाद दी। वहीं लोगों ने अपने दूर दराज रह रहे परिजनों एवं इष्ट मित्रों को व्हाट्सएप एवं फेसबुक के माध्यम से ईद की मुबारक बाद दी। उसके बाद कुर्बानी का दौर शुरू हुआ।
लोगों ने अपने-अपने घरों में कुर्बानी की रस्म अदा की। जिला मुख्यालय मंझनपुर स्थित जामा मस्जिद व ईदगाह में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद मुस्लिम घरों व चिन्हित स्थलों पर परंपरा के अनुसार कुर्बानी की गई। कोरोना महामारी व लॉकडाउन के दो साल बाद त्योहार में काफी उत्साह स्पष्ट नजर आ रहा था।
इसी तरह सरायअकिल, भरवारी, मूरतगंज, महगांव, मनौरी, पश्चिमशरीरा तथा करारी कस्बा सहित आसपास के गांवों में भी रविवार को बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। करारी कस्बे के ईदगाह, शिया जामा मस्जिद, अंसारगंज आदि मस्जिदों में लोगों ने एकसाथ कतारबद्ध होकर नमाज अदा की। नमाज के बाद मुल्क में अमन चैन के लिए अल्लाहताला से दुआ की गई। इसके बाद एक दूसरे के गले मिलकर बकरीद की बधाई दी गई।