मंझनपुर। शारदीय नवरात्र में रविवार को शीतलाधाम कड़ा में मां का श्रृंगार छठी देवी कात्यायनी के रूप में किया गया। यहां पर आए भक्तों ने गंगा स्नान के बाद मां के इस स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। इसके अलावा कस्बों, गांवों में स्थित देवी मंदिरों, पूजा पंडालों में भी भक्तों ने विध-विधान से मां कात्यायनी की पूजा की।
रविवार को नवरात्र में मां अंबे के छठे स्वरूप कात्यायनी देवी का भक्तों ने पूजन-अर्चन किया। शीतलाधाम कड़ा में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से देवी दर्शन को बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ जुटी। भक्तों ने यहां गंगा के विभिन्न घाटों पर स्नान करने के बाद देवी मंदिर पहुंचकर मां के कात्यायनी स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान भक्तों के जयकारे से शीतलाधाम कड़ा गूंजता रहा।
यहां के अलावा मंझनपुर स्थित दुर्गा देवी मंदिर, पश्चिम शरीरा स्थित झारखंडी देवी मंदिर, संचवरा व किशनपुर अंबारी स्थित मां अलोपशंकरी मंदिर, गुरौली स्थित चंद्रिका देवी मंदिर व कनैली स्थित मां शीतला मंदिर में पूजन-अर्चन करने के लिए सुबह से लेकर दोपहर तक भक्तों का तांता लगा रहा। इसी तरह गांवों व कस्बों में बनाए गए 810 पूजा पंडालों में भी भक्तों ने मां अंबे के छठें स्वरूप की सुबह पूजन-अर्चन किया। शाम को पूजा पंडालों में आरती के बाद देर रात तक भजन कीर्तन का कार्यक्रम होता रहा।
पूजा पंडाल में प्रवचन सुनने उमड़ रही भीड़
ओसा। सदर ब्लॉक क्षेत्र के ओसा गांव व चौराहे पर आधा दर्जन पूजा पंडाल बनाए गए हैं। इनमें गांव के मैकू लाल राजपूत के दरवाजे बने पूजा पंडाल पर अनिल शास्त्री द्वारा प्रतिदिन प्रवचन किया जा रहा है। इसे सुनने के लिए पूजा पंडाल में गांव की महिलाओं व पुरुषों की भारी भीड़ रोज जुट रही है। इस दौरान कमेटी के सुरेंद्र कुमार, हरीशंकर लोधी, लवकुश, राजेंद्र प्रसाद मौर्य आदि प्रतिदिन सराहनीय योगदान करते नजर आ रहे हैं।