जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर पर नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य महकमा लीपापोती कर रहा है। विभाग के जिम्मेदार दोषी डॉक्टर और कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटे हैं।
जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में वार्मर पर नवजात की मौत के मामले में स्वास्थ्य महकमा लीपापोती कर रहा है। विभाग के जिम्मेदार दोषी डॉक्टर और कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटे हैं। तभी तो घंटे बाद भी नवजात की मौत की जांच रिपोर्ट नहीं प्रस्तुत की जा सकी। जबकि, डीएम ने 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश सीएमएस को दिया था।
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फतेहपुर जिले के खखरेरू निवासी जुनैद की पत्नी महेलिका ने 14 अगस्त को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। रात 9.14 बजे राउंड में गए चिकित्सक की सलाह पर नवजात को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया था। जुनैद के बड़े भाई जावेद का कहना है कि 15 अगस्त की सुबह छह बजे बच्चे की नानी डायपर बदलने गई तो सभी ठीक था। उन्होंने स्टाफ से बच्चेें को देखने के लिए कहा लेकिन कोई कुर्सी से हिला तक नहीं। सभी स्टॉफ मोबाइल चलाने में ही मस्त थे। इसके करीब एक घंटे बाद परिवार के अन्य लोग वार्ड पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं निकल रहा था। उसकी सांसे थम चुकी थी।
नवजात की चमड़ी इस तरह से जल गई थी कि पकड़ने में वह नोच आती थी। परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। साथ ही सीएमओ से लिखित शिकायत की। लेकिन, किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद मंगलवार को डीएम सुजीत कुमार ने सीएमएस से 24 घंटे के भीतर विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। सीएमओ डॉ केसी राय ने भी दो सदस्यीय टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराने के लिए कहा था। डीएम के आदेेश के बावजूद 36 घंटे बाद भी जांच नहीं पूरी की जा सकी। सूत्रों की मानें तो अस्पताल प्रशासन लापरवाह डॉक्टरों, कर्मचारियों को बचाने की कवायद में जुटा हुआ। पूरे प्रकरण में लीपापोती करने का प्रयास किया जा रहा है।
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बुधवार को भी संयुक्त जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रकरण की जल्द जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी डॉक्टरों, कम्रचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. केसी राय-सीएमओ