जिले में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर थमने के बाद अब वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। दो लोगों में डेंगू की भी पुष्टि हो चुकी है। वायरल बुखार के साथ ही कई मरीजों में मलेरिया पीड़ित मिल रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 700 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। इनमें से 500 मरीज बुखार, गले में दर्द, सर्दी के शामिल हैं। निजी अस्पतालों की ओपीडी में भी वायरल के लक्षण वाले मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. सुरभि प्रकाश ने बताया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों में 70 फीसदी मरीज ऐसे हैं, जिन्हें सर्दी लगने से तेज बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत है। वायरल को ठीक होने में तीन से चार दिन लग सकते हैं।
जांच करा रहे कोरोना की, निकल रहा वायरल
जिले में वायरल के केस बढ़ने के साथ लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुखार आने पर लोग उसे कोरोना समझ रहे हैं और वह अस्पताल में संक्रमण की जांच कराने पहुंच रहे हैं। हालांकि जांच में सामान्य बुखार ही निकल रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना व वायरल के शुरुआती लक्षण लगभग एक जैसे हैं। इसलिए लोग ज्यादा परेशान हैं। लोग हर बुखार को कोरोना न समझें।
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चिकित्सक की सलाह पर कराएं जांच
पीएचसी मंझनपुर के एमओआईसी डॉ. अरुण पटेल का कहना है कि कोरोना काल में बुखार आने पर लोग अक्सर परेशान हो जाते हैं। बदन दर्द, बुखार, खांसी या गले में दर्द है तो चिकित्सक से परामर्श लें। ये लक्षण वायरल के भी हो सकते हैं। लोगों को ठंडी चीजों से परहेज कराना चाहिए और खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है।
बुखार के गंभीर लक्षण
- ब्लड प्रेशर का 90 एमएम से नीचे जाना और पल्स रेट का 110 से ऊपर होना।
- हाथों और पैरों का ठंडा पड़ना तथा बुखार के साथ पीला पेशाब आना।
- बुखार उतरने के बाद पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत।
- लीवर का साइज बढ़ जाना और सांस लेने में तकलीफ होना।
- बुखार के साथ दौरे पड़ना और कभी कभी बेहोश तक हो जाना।
- बुखार के साथ नाक, आंख, मुंह, पेशाब या शौच के दौरान खून आना।
- हाथ और पैरों में सूजन और शरीर पर लाल दाने होना।
- पेट का फूल जाना और शरीर में अधिक बेचैनी होना।
बचाव के लिए यह करें
- घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।
- नालियों में मिट्टी के तेल का छिड़काव कर दें।
- कूलर और बर्तन में रखे पानी को 24 घंटे में बदलते रहें।
- पूरी बाजू के कपड़े और पैंट या पायजामा पहनें।
- मच्छरों के खात्मे के लिए क्वायल या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल करें।
- दूध या दूध से बनी चीजों जैसे मावा आदि का सेवन न करें।
- आइसक्रीम, पेस्ट्री, बाहर की चाट और चाऊमीन, बाहर का ठंडा पेय पदार्थ न लें।
- अधपका मीट न खाएं तथा साफ व शुद्ध पानी ही पीएं।
- बासी भोजन करने से बचें