पूरामुफ्ती कोतवाली के मंदर गांव स्थित रेलवे ट्रैक पर मंगलवार की सुबह दो मजदूरों के क्षत-विक्षत शव बरामद हुए। दोनों मृतक बिहार के रहने वाले थे। दोनों फोरलेन निर्माण से जुड़ी कंपनी में काम करते थे। बताया जा रहा है कि रात में रेलवे ट्रैक पार करते समय दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
जीआरपी ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
बिहार प्रांत के गया जिले के थाना पकवाड़ा, ग्राम आदमपुर निवासी धर्मेंद्र कुमार मांझी (36) करीब एक साल से फोरलेन बनाने वाली कंपनी में काम करता था। उसके साथ गांव का गोरे लाल मांझी (28) भी रहता था।
वहीं रेल पटरी के किनारे झोपड़ी डालकर दोनों रहते थे। मंगलवार की सुबह दोनों के क्षत-विक्षत शव मंदर गांव के बाहर रेलवे ट्रैक पर पड़े मिले। ट्रैक पर एक साथ दो शव पड़े होने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई। पल भर में ही मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
घटना की सूचना पुरामुफ्ती पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने घटना क्षेत्र जीआरपी का होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। सूचना के बाद पहुंची प्रयागराज जीआरपी ने मौका मुआयना करने के बाद दोनों शवों को कब्जे को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना बिहार में रहने वाले मृतक के परिजनों को दे दी गई। बताया जा रहा है कि दोनों रात में सामान लेने गए थे। वहां से लौटते समय दोनों रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आ गए। रात में किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई। सुबह लोगों ने दोनों के शव देखे तो पुलिस को सूचना दी।