कौशाम्बी पुलिस का मोस्ट वांटेड रामदास पाल गिरफ्तार कर लिया गया है। 13 जुलाई को रामदास फतेहपुर जिला कारागार से कौशाम्बी पेशी पर आने के बाद लौटते समय सैनी कोतवाली के समीप सिपाहियों को चकमा देकर फरार हो गया था। भाड़े पर हत्या करने वाले इस आरोपी पर पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया था। चंगुल में फंसे रामदास से उसके गैंग के सदस्यों के बार में पुलिस पूछताछ कर रही है।
सरायअकिल के कोटिया गांव का रहने वाला रामदास पाल शातिर अपराधी है। इसके खिलाफ कौशाम्बी के अलावा कई जिलों में हत्या, लूट के मुकदमे दर्ज हैं। तीन साल पहले पुलिस ने रामदास को गिरफ्तार करने के बाद नैनी जेल भेजा था। इसके बाद इसे कुछ दिन जिला कारागार कौशाम्बी में रखा गया। गतिविधियों को देखते हुए जेल प्रशासन ने रामदास पाल को फतेहपुर जिला कारागार स्थानांतरित कर दिया था। 13 जुलाई को रामदास पाल फतेहपुर से कौशाम्बी पेशी पर लाया गया था। लौटते समय सैनी कोतवाली के समीप साथ रहे सिपाहियों को चकमा देकर रामदास पल्सर सवार युवक के साथ फरार हो गया। फरारी के बाद रामदास की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार का ईनाम घोषित किया गया। वांटेड रामदास पाल को शुक्रवार की रात इंटेलीजेंस विंग की टीम ने पतौना के समीप से दौड़ाकर धर दबोचा। सुपारी किलर को हिरासत में लेने के बाद पुलिस पूछताछ कर रही है। इंटेलीजेंस विंग टीम प्रभारी योगेंद्र सिंह का कहना है कि रामदास पाल से पूछताछ की जा रही है। रविवार को उसे अधिकारियों के सामने पेश किया जाएगा।
हत्या की सुपारी लेने पर सक्रिय हुई पुलिस
शातिर रामदास पाल ने फरारी के दौरान जिले के एक प्रधान की हत्या करने की सुपारी ली थी। इसकी भनक पुलिस को लग चुकी थी। इसके बाद ही इंटेलीजेंस विंग ने जाल बिछाकर रामदास को धर दबोचा। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर रामदास को सुपारी किसने दी थी।
अधिवक्ता हत्याकांड से जुडे़ संदिग्ध भी हिरासत में
चरवा के केशीपुर गांव के अधिवक्ता सतीश मिश्र की हत्या से जुडे़ संदिग्ध को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 23 जुलाई की शाम अदालत से लौटते समय बदमाशों ने कादीपुर गांव के समीप सरेराह अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से कातिल फरार चल रहे थे। बताया जा रहा है कि जो लोग पुलिस हिरासत में लिए गए हैं। उन लोगों ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।