उमसभरी गर्मी से जहां लोग बेहाल हैं, वहीं विद्युत उपकेंद्र सरायअकिल क्षेत्र के गांवों में अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। बिजली कटौती के कारण लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। चिरारी गांव निवासी शिवमोहन, राजकुमार सिंह, सरायअकिल के दिनेश चंद्र त्रिपाठी, जानू, बहुंगरा गांव के फतेह बहादुर कुशवाहा, राकेश कुशवाहा आदि का कहना है कि भारी-भरकम बिल भरने के बाद भी विद्युत आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं मिल पा रही है।
बहुंगरा गांव के चंद्रिका प्रसाद का कहना है कि क्षेत्र की विद्युत लाइनें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। उधर, विभागीय जिम्मेदारों का कहना है कि उपभोक्ताओं को शेड्यूल के हिसाब से आपूर्ति दी जा रही है। ओवरलोड और उमस भरी गर्मी में मशीनें ट्रिप कर जाती हैं। वहीं कई बार तकनीकी खराबी ठीक करने के लिए शटडाउन लेना पड़ता है।
सरायअकिल कस्बे के बृजेश का कहना है कि शासन ने नगर में 20 घंटे बिजली आपूर्ति करने का आदेश जारी कर रखा है, लेकिन बार-बार ट्रिपिंग से दिन-रात में कई घंटे बिजली गायब रहती है।
इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। वहीं रामू चैधरी का कहना है कि चिरारी सहित किशुनपुर अंबारी, नेनुआ, फजुल्लापुर, खोंपा, असंदापुर, अतरसुइया, अठरहा, घोसिया, खरसेन का पूरा, फकीराबाद, इच्छाना, बरई सहित करीब 50 से अधिक गांवों में बिजली सप्लाई की जाती है। रोस्टर के हिसाब से बिजली सप्लाई शाम चार से सुबह आठ बजे तक, दोपहर 12 से दो बजे तक है, लेकिन इस समय हफ्ते भर से बिजली आने और जाने का कोई समय नहीं है।
कस्बे में 20 घंटे तथा ग्रामीणांचल में 18 घंटे बिजली देने का आदेश है, लेकिन इस समय एक सप्ताह से इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही है। जिसके चलते ऊपर से बिजली काट दी जाती है।- अतुल श्रीवास्तव, अवर अभियंता, सरायअकिल