श्रीलंका से दर्शन के लिए तथागत की तपस्थली आए बौद्ध भिक्षुओं की बस पर पथराव की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। यह हरकतें स्थानीय गांवों के बच्चे करते हैं। रुपये मांगने के लिए पर्यटकों के पीछे पड़ जाते हैं। इससे विदेशों में छवि धूमिल कर रही है।
श्रीलंका बुद्ध विहार के प्रबंधक व भंते टी. सिरी विसुद्धि महाथेरो बताते हैं कि यहां दर्शन के लिए श्रीलंका, थाईलैंड, म्यांमार, कम्बोडिया सहित कई अन्य देशों से हजारों की संख्या में हर साल लोग आते हैं। सोमवार को श्रीलंका से 65 भिच्छुओं का जत्था दो बसों में सवार होकर आया था। शरारती बच्चों ने पैसे न मिलने पर बस में पथराव कर दिया।
वर्ष 2018 में थाईलैंड से 100 भिच्छुओं का एक जत्था पैदल आया था। वापसी के समय सरायअकिल के रक्सराई गांव के एक मंदिर में सभी आराम कर रहे थे। तभी बदमाशों ने उनके साथ लूटपाट व मारपीट की थी। पुलिस ने बदमाशों को पकड़ कर लूटा गया सामान व नकदी बरामद की थी।
घटनाओं पर अंकुश जरूरी
विजिया चौराहा के व्यापारी इसरार अहमद कहते हैं कि विदेशी पर्यटकों से दुर्व्यवहार की घटनाएं जिले की छवि धूमिल कर रही हैं। पर्यटक बच्चों की हरकतों की वीडियोग्राफी करते हैं। ऐसे वीडियो गलत संदेश पहुंचाते हैं। यहीं के चुन्ने खान का कहना है कि पर्यटन के सहारे क्षेत्र में विकास और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार के प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए सुरक्षित माहौल जरूरी है।
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पर्यटन स्थल कौशाम्बी में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ ही ग्रामीणों संग बैठक की जाएगी। ग्रामीणों को विदेशी मेहमानों के साथ अच्छे व्यवहार के लिए जागरूक किया जाएगा। ताकि वह अपने बच्चाें को गलत आचरण करने से रोकें।
- बृजेश कुमार श्रीवास्तव, एसपी