बिजलीकर्मियों की हड़ताल के मद्देनजर अब प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। कार्य बहिष्कार के दौरान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अनिवार्य सेवाओं को बाधित करने के मामले में चार अवर अभियंता समेत 45 कर्मियों पर गाज गिरनी तय है। डीएम ने अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि अभियंताओं को निलंबित कर उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाय और संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त करें।
बिजलीकर्मियों की हड़ताल से विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है। बिजली नहीं होने से लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए भी तरसना पड़ रहा है। तमाम प्रयासों के बाद भी अनिवार्य सेवाओं में शामिल इस व्यवस्था को आंदोलित कर्मियों ने बहाल नहीं होने दिया। छानबीन के दौरान पता चला कि अवर अभियंता मंझनपुर विनम्र पटेल, जेई सिराथू राजाराम तथा राजेश कुमार और चायल के जेई कपिल तिवारी की मिलीभगत से कई कर्मियों ने भी सेवाओं को बाधित करने में पूरा सहयोग दिया।
इसे लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अख्तियार किया है। डीएम सुजीत कुमार ने बताया कि दोषी पाए गए अभियंताओं को निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इन जिम्मेदारों का सहयोग करने में 41 लाइनमैन तथा ऑपरेटर्स भी चिन्हित हुए हैं।
आउट सोर्सिंग के इन कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के साथ ही उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बाबत अधीक्षण अभियंता से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। वहीं इंस्पेक्टर मंझनपुर संतोष शर्मा का कहना है कि शनिवार की देर रात तक मामले की तहरीर नहीं मिली। तहरीर मिलने पर एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।