बनी खास का अधूरा अंत्येष्टि स्थल
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सरसवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत बनीखास में अंत्येष्टि स्थल निर्माण व इंटरलॉकिंग में गड़बड़ी पूर्व प्रधान को महंगी पड़ गई। जांच में इंटरलॉकिंग में मानक की अनदेखी की पुष्टि हुई। इस पर एडीओ पंचायत ने पूर्व प्रधान के खिलाफ कौशाम्बी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
शवों के अंतिम संस्कार की परेशानी को देखते हुए सरकार ग्राम पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल का निर्माण करा रही है। वर्ष 2019 में सरसवां ब्लॉक के बनीखास गांव में अंत्येष्टि स्थल, शांति भवन व इंटरलॉकिंग निर्माण के लिए 24.36 लाख रुपये ग्राम निधि के खाते में भेजे गए थे। धनराशि मिलने के बाद प्रधान गोमती देवी व तत्कालीन सचिव सुरेंद्र कुमार ने निर्माण कार्य शुरू कराया।
तीन साल बीतने के बाद भी अंत्येष्टि स्थल का निर्माण पूरा नहीं हुआ। इसके अलावा इंटरलॉकिंग में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने छह माह पूर्व डीएम सुजीत कुमार से की थी। डीएम ने मामले की जांच डीपीआरओ को सौंपी थी। जिला पंचायतराज अधिकारी डॉ. बाल गोविंद श्रीवास्तव ने एडीओ पंचायत सरसवां में दो माह पहले अंत्येष्टि स्थल व इंटरलॉकिंग की जांच कराई। जांच के दौरान अंत्येष्टि स्थल का निर्माण अधूरा मिला और इंटरलॉकिंग गुणवत्ता विहीन।
इस पर डीपीआरओ ने पूर्व प्रधान व सचिव को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया। लेकिन प्रधान ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया। जिस पर एडीओ पंचायत ने रविवार को पूर्व प्रधान के खिलाफ कौशाम्बी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। डीपीआरओ ने बताया कि जांच कमेटी गठित की गई है। गबन की गई धनराशि की वसूली भी कराई जाएगी।