राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भवंस मेहता विद्याश्रम में हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्र ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप जला कर किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के एक राजपूत परिवार में हुआ था।
भरवारी नगर स्थित भवंस मेहता विद्याश्रम में बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर मेजर ध्यानचंद की जयंती मनाई गई। इस मौके पर हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें कई टीमों ने हिस्सा लिया। मेजर ध्यानचंद की उपलब्धियों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विद्यालय में यह आयोजन वर्ष 2012 से मनाया जा रहा है।
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राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भवंस मेहता विद्याश्रम में हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ प्रधानाचार्य अनिल कुमार मिश्र ने मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप जला कर किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जन्म 29 अगस्त 1905 को इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के एक राजपूत परिवार में हुआ था। इनके समय में भारत को तीन बार 1928,1932 एवं 1936 में स्वर्ण पदक मिला।
इनकी हॉकी का हिटलर भी कायल हो गया था और इनको जर्मनी में ही नौकरी का ऑफर दिया था, जिसे ध्यानचंद ने ठुकरा दिया था। इनको हॉकी के जादूगर के नाम से भी जाना जाता है।आज के दिन पूरे भारत में इनके जन्मदिन को खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। हॉकी मैच प्रतियोगिता भवंस इलेवन सीनियर ग्रुप एवं जूनियर ग्रुप के ब्वॉयज एवं गर्ल्स के बीच हुई, जिसकी शुरुआत प्रधानाचार्य ने की की। भवंस इलेवन सीनियर ग्रुप ने 2-1 के अंतराल से मैच जीता l इस अवसर पर शिक्षक सुधाकर सिंह, सुशील कुमार श्रीवास्तव सहित समस्त अध्यापक मौजूद रहे। निर्णायक खेल अध्यापक सुधाकर सिंह रहे।