दोआबा के गंगा घाटों पर स्नान और नौका विहार पर रोक
उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से जिले में जारी किया गया हाई अलर्ट
मंझनपुर। उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। डीएम अमित कुमार सिंह ने गंगा घाटों पर फिलहान स्नान और नौका विहार पर रोक लगा दी है। इसके लिए जिले के आधा दर्जन प्रमुख गंगा घाटों पर नोटिस चस्पा करा दी गई है। तराई में बसे लोगों को गांव खाली करने का आदेश दिया गया है।
उत्तराखंड में रविवार को ग्लेशियर के फटने से अलकनंदा और उसकी सहायक नदियों में जल स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इसके बाद शासन ने प्रदेश में गंगा किनारे बसे जिलों को अलर्ट जारी कर दिया। इसी के बाद डीएम अमित कुमार सिंह ने भी आदेश दे दिए हैं। डीएम ने बताया कि गंगा किनारे के गांवों को खाली कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गंगा के टापू पर बसे गांव को भी खाली कराने का प्लान बनाया जा रहा है। इसके अलावा एनडीआरएफ और पीएसी को बुलाया जा रहा है। लेखपाल और कानूनगो को गांवों में भेज दिया गया है। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सिराथू प्रखर उत्तम ने तहसीलदार सिराथू संतोष कुमार को राजस्वकर्मियों के साथ कड़ा के कुबरीघाट, कालेश्वरघाट, हनुमान घाट, संदीपन सुखऊ का पूरा आदि घाटों पर चेतावनी नोटिस चस्पा कराया। इस दौरान तहसीलदार सिराथू ने आपदा के आने की सूचना पर कड़ा में अलर्ट जारी करते हुए नाविकों को घाट किनारे से नाव हटाने व नदी किनारे बसे लोगों को हटाने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलदार ने लोगों को जागरूक करते हुए जरूरी दिशा निर्देश दिए। इसी तरह एसडीएम चायल ज्योति श्रीवास्तव ने तहसीलदार को भेजकर पल्हाना व कुरई घाट में नोटिस चस्पा कराया और लोगों को अग्रिम आदेश तक गंगा में स्नान व नौका विहार नहीं करने की सलाह दी। वहीं जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह का कहना है कि उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने से गंगा में संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी पल.पल की स्थितियों पर निगाह बनाए हुए हैं। स्नान और नौका विहार पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। संभावित खतरे से निपटने के लिए 18 बाढ़ चौकियों को सक्त्रिस्य कर दिया गया है। साथ ही तट पर बसे लोगों को स्थान छोड़ने के लिए आदेश दिया गया है। वहीं गंगा में संभावित बाढ़ को देखते हुए सिराथू और चायल तहसील क्षेत्र के तराई में बसे 18 गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी गई हैं। चौकियों पर लेखपालों की ड्यूटी लगा दी गई है। राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण के बाद घाटों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। लाउडस्पीकर के जरिए जन सामान्य को फिलहाल गंगा नदी के तट से दूर रहने की सलाह दी गई। डीएम ने जिम्मेदारों को जलस्तर पर बराबर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। संवाद