Animal smugglers ran away after carrying a container on the divider on police siege
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एसओजी व सैनी कोतवाली पुलिस की बुधवार भोर अटसराय के पास पशु तस्करों से मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने कंटेनर में गोवंश भरकर भाग रहे तस्करों को हवाई फायरिंग करते हुए खदेड़ा तो वह हाईवे पर डिवाइडर पर कंटेनर चढ़ाकर भाग निकले। एक कंटेनर चालक फतेहपुर की तरफ भागा।
जिसे पुलिस ने पीछा कर अमांव के पास से बरामद किया। दोनों कंटेनर में 54 गोवंश लादे गए थे। गोवंश से भरे कंटेनर को गिरधरपुर गढ़ी स्थित गोशाला लाया गया जहां 43 मवेशियों की मौत हो चुकी थी। 11 मवेशी बीमार हालत में मिले, जिनका इलाज कराने के बाद गोआश्रय स्थल में संरक्षित कराया गया है। देर शाम मृत गोवंश को मनियरवा नाले के पास दफन कराया गया।
बुधवार भोर में सैनी इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह व एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह को खबर मिली कि कंटेनर में गोवंश भरकर कानपुर से प्रयागराज की ओर ले जाया जा रहा है। इस पर पुलिस टीम ने अटसराय के पास घेराबंदी कर दी। जैसे ही कंटेनर आता दिखा तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया।
इस पर चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। जवाब में पुलिस ने हवाई फायरिंग करते हुए पीछा किया तो चालक ने कंटेनर को नेशनल हाईवे पर स्थित डिवाडर पर चढ़ा दिया और सभी लोग भाग निकले। इसके बाद दूसरा कंटेनर पुलिस को देखकर वापस फतेहपुर की तरफ भागा। पुलिस ने उसका भी पीछा किया तो चालक फतेहपुर के खागा के अमांव के पास कंटेनर छोड़कर भाग निकला।
पुलिस दोनों कंटेनर को कब्जे में लेकर गिरधरपुर गढ़ी स्थित गोआश्रय स्थल लाई। दोनों कंटेनर में 54 गोवंश ठूंस कर भरे गए थे। इनमें से 43 की मौत हो चुकी थी। 11 मवेशी बीमार हालत में मिले। जिनका उपचार कराया गया। देर शाम मृत गोवंशों को मनियरवा नाले के पास दफन कराया गया।
मवेशियों का दर्द देख कांप गए लोग
कंटेनरों में मवेशियों को ठूंस कर भरा गया था। सभी के सींग व पेट चौड़ी बेल्ट के सहारे ऊपर बांधे गए थे। जिससे मवेशी बैठ नहीं सकते थे। माना जा रहा है कि कंटेनर की रफ्तार तेज होने के कारण मवेशियों की मौत हुई है। जब मवेशियों के शव एक के बाद एक बाहर निकाले जाने लगे तो स्थानीय लोगों के अलावा पुलिस कर्मियों का भी कलेजा कांप उठा।