कस्बे के करन चौराहा स्थित गेस्ट हाउस में शुक्रवार रात संचालक व कन्या पक्ष के बीच हुए मारपीट के मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से नाराज महिलाओं ने सोमवार शाम कोतवाली के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। महिला उत्थान एवं जागृति संस्थान की जिलाध्यक्ष अंजना मिश्रा की अगुवाई में जुटी महिलाएं पुलिस-प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहीं थीं।
करन चौराहा के गेस्ट हाउस में शुक्रवार को अर्का महावीरपुर निवासी चंद्रभूषण शुक्ला की भतीजी स्वाति की शादी थी। रात को खाना परोसने व महिलाओं के साथ छेड़खानी को लेकर गेस्ट हाउस संचालक, उसके कर्मियों व कन्या पक्ष के बीच विवाद हो गया। बात बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।
हंगामे व बवाल की फुटेज गेस्ट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मारपीट में दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर दी थी। पुलिस ने गेस्ट हाउस संचालक शरद राव की तहरीर पर कन्या पक्ष के 10 लोगों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमला व एससी, एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। इसी बात से नाराज होकर कन्या पक्ष के परिवार व रिश्तेदारी की महिलाओं ने सोमवार शाम महिला उत्थान एवं जागृति संस्थान की जिलाध्यक्ष अंजना मिश्रा की अगुवाई में थाने पहुंचकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महिलाओं का कहना था कि जब तक गेस्ट हाउस संचालक व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज नहीं किया जाता वह धरने से नहीं उठेंगी। इंस्पेक्टर अनुपम शर्मा ने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं मानने को तैयार नहीं हुईं। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे सीओ चायल श्यामकांत ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवाया।
कलेक्ट्रेट में भी प्रदर्शन कर डीएम से की शिकायत
मंझनपुर। एकतरफा कार्रवाई से नाराज लोगों ने सोमवार सुबह पहले कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। साथ ही जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देते हुए पूरे प्रकरण की जांच क्षेत्राधिकारी चायल को सौंपी है।