जिला मुख्यालय में शनिवार को 15वें दिन मांगों को लेकर प्रदर्शन के दौरान तीन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बेहोश हो गईं। इससे गुस्साई कार्यकत्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। दो कार्यकत्रियां प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट में और एक कार्यकत्री सदर ब्लाक में अचेत हुई थीं। तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया है।
महिला आंगनबाड़ी संघ की कार्यकात्रियां जिला मुख्यालय में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दो सितंबर से कलम बंद हड़ताल कर रहीं हैं। संघ की जिलाध्यक्ष माया सिंह का कहना है कि सरकार उन लोगों को राज्य कर्मचारी की दर्जा दे। उन्हें अन्य कर्मचारियों की तरह प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय दे। इसके लिए वह गुरुवार को टेवां में खाट सभा के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी मिल चुकी हैं। राहुल गांधी आंगनबाड़ियों की समस्याओं को संसद में उठने की बात कही थी। कार्यकत्रियों का कहना है कि धरना समाप्त करने के लिए उन लोगों पर दबाव बनाया जाने लगा। जिले भर की आंगनबाड़ी सदर ब्लॉक परिसर में एकत्रित हुई।
दोपहर को नारेबाजी करती हुई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां कलेक्ट्रेट पहुंची। अवकाश होने के चलते वहां पर कोई भी अफसर नहीं मिला। उन लोगों ने सूबे की सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भयंकर उमस के कारण कार्यकत्रियां बेहाल होने लगीं। अचानक कड़ा ब्लॉक के धुमाई गांव की कार्यकत्री अन्नपूर्णा मिश्रा गश खाकर फर्श पर गिर पड़ी। कुछ देर बाद सरसवां ब्लॉक के अंधावा गांव की सहायिका बदामा देवी भी बेहोश हो गई। इसके पहले सदर ब्लॉक परिसर में भी मूरगंज ब्लॉक के सैयदसरावां की पुष्पलता सोनकर भी बेहोश हो गई थीं। तीनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी होने पर कौशांबी सांसद विनोद सोनकर कार्यकत्रियों से मिलने सदर ब्लॉक परिसर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन समाप्त करने की बात कही, लेकिन कार्यकत्रियों ने उनकी एक भी बात नहीं सुनी और कहा कि उनका आंदोलन जारी रहेगा।