पंचायत चुनाव की सरगर्मी के बीच गांवों में आरोप-प्रत्यारोप के साथ ही शिकायतों का दौर शुरू हो चुका है। वर्तमान में जिले के 1148 ग्राम पंचायतों में से 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के गबन के मामले की जांच ब्लाॅक व जिला स्तरीय अधिकारियों की ओर से की जा रही है।
पंचायत चुनाव की आहट के बीच गांवों में प्रधान पद के संभावित दावेदारों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगाने के साथ ही अपना माहौल बनाने का अभियान चल पड़ा है। इसी के साथ वर्तमान प्रधान के विरुद्ध भी शिकायतों का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे कई ग्राम पंचायतों में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
शिकायतों की बात करें तो संडवाचंद्रिका ब्लॉक की सबसे अधिक शिकायतें पहुंची हैं। वहीं मंगरौरा के रठवत, पूरे देवजानी, बिहार के देवली हरदोपट्टी, सगरासुंदरपुर, लालगंज के राजापुर रैनिया समेत अन्य गांवों की शिकायतें विरोधी दावेदारों ने की है। इसके अलावा शिवगढ़, बाबा बेलखरनाथ विकासखंड में घोटाला करने वाले प्रधान व सचिव पर मुकदमा दर्ज हो चुका है।
चौपालों में कर रहे जनसंपर्क
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घड़ियां धीरे-धीरे करीब आने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। गांव की नई सरकार चुनने के लिए सियासी कड़ियां पिरोई जा रही हैं। गांवों में बैठकों, चौपालों और जनसंपर्क का दौर शुरू हो गया है। वहीं, प्रत्याशी अब सोशल मीडिया का सहारा लेकर मतदाताओं को साधने में लगे हुए हैं। फेसबुक, व्हाॅट्सएप और इंस्टाग्राम पर वीडियो संदेश, पोस्टर और स्लोगन शेयर कर ग्रामीणों को अपने पक्ष में करने की कोशिशें शुरू हो गई हैं।
ग्राम पंचायतों में अनियमितता संबंधी जो भी शिकायतें मिल रही हैं, उनकी नियमानुसार निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जहां जांच में अनियमितता की पुष्टि हो रही है, वहां पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।- श्रीकांत दर्वे, डीपीआरओ