102, 108, एएलएस, एंबुलेंस कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले में एंबुलेंसकर्मियों ने चौथे दिन कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मियों ने चेताया कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा।
23 जुलाई से एंबुलेंस कर्मचारी मांगों को लेकर जिला अस्पताल परिसर में इमरजेंसी के सामने धरना दे रहे थे। लगातार तीन दिन तक धरना देने के बाद भी उनकी मांगें नहीं पूरी हुईं तो कर्मचारियों ने रविवार से चक्काजाम करने की धमकी दी थी। इसी के तहत रविवार को कर्मचारियों ने जिले में संचालित 53 में 49 को मुख्यालय स्थित पाल चौराहे के पास एक स्थान पर खड़ा कर दिया।
चार एंबुलेंस केवल प्रसव और इमरजेंसी सेवाओं में लगी रहीं। यहां धरनारतकर्मियों ने एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने के बाद कर्मियों को यथावत रखने, कोरोना काल में जान जोखिम डालकर कार्य करने वाले कर्मियों को ठेकेदारी प्रथा से मुक्त रखने की मांग की। एंबुुलेंस कर्मचारियों को नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन न होने तक चार घंटे की ओटी देने, प्रतिवर्ष महंगाई भत्ता भी देने, कर्मियों को नियमित नौकरी पर रखा जाए, प्रशिक्षण शुल्क के नाम पर कर्मचारियों से डीडी न ली जाए आदि मांगें शामिल हैं। इस मौके पर बृजेश कुमार, दशरथ मिश्रा, विजय वर्मा, दिनेश कुमार, महेंद्र, ज्ञानेंद्र सिंह, प्रमोद आदि उपस्थित रहे।