हार की डर से वापस लिया गया कृषि कानून: इंद्रजीत सरोज
सपा के बढ़ते जनाधार से विधानसभा चुनाव में भाजपा को सता रहा हार का डर
चायल। आगामी विधानसभा चुनाव में हारने का डर भाजपा को सता रहा है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री ने नए कृषि कानूनों को वापस लेते हुए किसानों से क्षमा मांगी है। यह सब भाजपा का चुनावी स्टंट है। यह बातें शनिवार को चायल विधानसभा के मखऊपुर गांव में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में सपा के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व कैबिनेट मंत्री इंद्रजीत सरोज ने कही।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से प्रदेश की जनता त्रस्त हो चुकी है। जनता की नाराजगी संकेत दे रही है कि 2022 में सपा की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जो कृषि कानून वापस लिया गया है। यह किसानों के संघर्षों की जीत है। भाजपा सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में अपने हारने का डर सता रहा था। इसी कारण प्रधानमंत्री मोदी ने कानून को वापस लेकर किसानों से माफी मांगी है। लेकिन देश का किसान झांसे में नहीं आने वाला है। उन्होंने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के विजय रथ यात्रा के दौरान उमड़ रही भीड़ को देखकर लिया गया है। समाजवादी पार्टी मांग करती है कि जो किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए हैं उनके परिजनों को आर्थिक सहयोग और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। कार्यक्रम का आयोजन उमेश दिवाकर ने किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव, विजमा दिवाकर, किरन दिवाकर, अरुण चौधरी, आरसी काजी, हाजी ओवैश, रामा पासी, मोहम्मद अहमद, रमेश मौर्या, राजेंद्र पाल, शाकिब, आस्था पटेल, पूर्व विधायक आसिफ जाफरी आदि मौजूद रहे।