चायल तहसील में मांग न पूरी होने चक्काजाम करते अधिवक्ता। संवाद
तालाबंदी कर चक्काजाम करने के बाद जागा प्रशासन, हुई गिरफ्तारी
- हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आठ दिन से हड़ताल पर चल रहे थे अधिवक्ता
फोटो नं-12
संवाद न्यूज एजेंसी
चायल। साथी के हमलावरों की गिरफ्तारी नहीं होने से आंदोलित अधिवक्ताओं ने आठवें दिन बुधवार को तहसील गेट का ताला बंद कर चक्काजाम कर दिया। इसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर अधिवक्ताओं ने आंदोलन वापस लिया।
चरवा कोतवाली के पूरे कलापत निवासी अधिवक्ता दिव्यमणि सिंह पर 20 नवंबर की शाम बलीपुर टाटा गांव के समीप हमला हुआ था। आरोप है कि जख्मी अधिवक्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने प्रकरण को ठंडे बस्ते में डाल दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज चायल तहसील के अधिवक्ता लगातार सात दिन से कलम बंद हड़ताल पर थे। इसके बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो नाराज अधिवक्ताओं ने आठवें दिन बुधवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जगजीत सिंह की अगुवाई में तहसील के मुख्य गेट को बंद कर लिया। इसके बाद तिल्हापुर मोड़-मनौरी सड़क पर बैठ गए। सड़क जाम होने पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। माहौल बिगड़ता देख सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने आरोपी बासदेव यादव और उसके बेटे सुशील कुमार को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय भेज दिया। जहां से उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद अधिवक्ता शांत हुए तो आवागमन शुरू हो सका। करीब 30 मिनट तक आवागमन बाधित रहा। पुलिस कार्रवाई के बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। इस मौके पर त्रिभुवन सिंह, विनय कुमार यादव, राकेश, धर्मेंद्र सिंह, मुलायम सिंह, विनय, विजय प्रकाश, बलकरन सिंह, मो.आमिर, अजीत सिंह, सुखलाल यादव, सुरेंद्र सिंह, मोहर सिंह, रामनरेश पटेल, शनि मिश्रा और सुल्तान मोहम्मद आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।