नेवादा। माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि की गिरफ्तारी के लिए इन दिनों तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। एसपी अभियान की कमान संभाल रहे हैं। तीन दिनों के अभियान में अब तक लगभग चार दर्जन जायज-नाजायज असलहों समेत सैकड़ों कारतूस और खोखे बरामद किए जा चुके हैँ। शूटर और उसके परिवार के 19 मददगारों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी एक लाख का इनामी शूटर अब्दुल कवि तक नहीं पहुंचा जा सका है।
राजू पाल हत्याकांड के बाद सीबीआई जांच में सरायअकिल कोतवाली इलाके के भखंदा निवासी अब्दुल कवि का नाम माफिया अतीक के शूटर के तौर पर प्रकाश में आया था। तब से वह फरार चल रहा है। सीबीआई उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उस पर पहले 50 हजार था और अब एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। 24 फरवरी को राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल व उसके दो गनरों की हत्या के बाद पुलिस ने कवि की तलाश तेज कर दी है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल शूटर व फरार अब्दुल कवि गांव में शरण लिए थे। पुलिस ने कवि के घर भखंदा में छापा मारा तो अवैध असलहे का जखीरा मिला। इस पर पुलिस ने कवि के परिवार के 11 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज की। मुकदमा दर्ज होने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। पुलिस सिर्फ कवि के अधिवक्ता भाई अब्दुल कादिर को ही गिरफ्तार कर पाई। पुलिस ने अपनी जांच तेज की तो सर्विलांस के जरिए अब्दुल कवि और उसके मददगारों के बारे में पता चला।
एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक कवि और उसके परिवार को शरण देने, आर्थिक मदद एवं असलहा मुहैया कराने वालों के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर तलाशी व गिरफ्तारी अभियान चलाया जा रहा है। तीन दिनों से भखंदा, कटैया, डिहवा, पुरखास, युसुफपुर गांव में चले अभियान में पुलिस ने करीब 28 लाइसेंसी असलहे, 16 तमंचे, 302 कारतूस, 81 खोखा, तीन चाकू और एक चापड़ बरामद करने का दावा किया है।
शूटर कवि के ससुर, बहन, बहनोई समेत 19 मददगारों की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है, लेकिन अब भी अब्दुल कवि और घर में अवैध असलहों का जखीरा छिपाकर रखने वाले उसके परिवार के लोग फरार हैं।