अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत ने दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने शांदी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के दोषी युवक को 11 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 11 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार पइंसा इलाके के एक गांव में रहने वाली अनुसूचित जाति की किशोरी के साथ बृजेश कुमार दुबे निवासी तुलसीपुर थाना पइंसा ने वर्ष 2016 में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया था। गर्भवती होने पर किशोरी ने शादी का दबाव बनाया तो बृजेश मुकर गया। आरोपी ने कहीं भी शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे दी। पीड़िता ने जानकारी घरवालों को दी तो उसकी मां ने 22 जुलाई 2016 को नामजद मुकदमा दर्ज कराया।
विवेचना के बाद पइंसा कोतवाली पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज कुमार उपाध्याय की अदालत में चली। विशेष लोक अभियोजक शशांक खरे ने सात गवाहों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया। पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों एवं गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने बृहस्पतिवार को बृजेश को दोषी करार दिया। अदालत ने युवक को 11 साल के कठोर कारावास और 11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।