एशिया कप में भारत-पाक क्रिकेट मैच के बाद सुभारती विवि में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने और तोड़फोड़ करने के मामले की जांच शुक्रवार को डीआईजी रेंज ने विवि पहुंचकर की। डीआईजी ने करीब 50 कश्मीरी छात्रों से पूछताछ के बाद लिखित में बयान लिए। सभी छात्रों का दावा है कि न तो उन्होंने नारेबाजी की, मिठाई बांटी और न ही तोड़फोड़ की।
दो मार्च को पाकिस्तान की जीत के बाद सुभारती यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में कश्मीरी छात्रों पर मिठाई बांटकर पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करने का आरोप लगा था। स्थानीय छात्रों ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि कश्मीरी छात्रों ने हॉस्टल में तोड़फोड़ कर दी थी।
विवि प्रशासन ने 67 कश्मीरी छात्रों को निलंबित कर हॉस्टल खाली कराकर वापस भेज दिया था। वहीं, थाना जानी में अज्ञात छात्रों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। काफी विरोध के बाद देशद्रोह की धारा हटा ली गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन की जांच कमेटी इस मामले में 10 कश्मीरी छात्रों को दोषी पा चुकी है।