चुनावी नतीजों से आए भूचाल में पूर्व सांसद एवं मंत्री अनुराधा चौधरी ने सपा का दामन छोड़ दिया है। अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा छीन लिए जाने के बाद अनुराधा ने पार्टी छोड़ने में देर नहीं की। सपा में अनुराधा रालोद जैसा रुतबा हासिल नहीं कर पाई।
भाजपा के सहारे जिले की सियासत में कदम रखने वाली अनुराधा चौधरी को राजनीति में उंचाइयां रालोद में मिली। छोटे चौधरी के यूपीए गठबंधन सरकार में शामिल होने के फैसले पर नाराजगी के चलते उन्होंने अपना रास्ता अलग कर लिया।
मुलायम सिंह की गठबंधन सरकार में मंत्री रही अनुराधा ने अपने पुराने रुतबे के चलते सपा में राष्ट्रीय महासचिव का दायित्व पा लिया। पार्टी ने भी तवज्जो दी और उन्हें बिजनौर सीट से सांसद का टिकट दे दिया।