कासगंज। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) बिल के विरोध और सवर्ण आयोग के गठन की मांग पर मंगलवार को सवर्ण समाज के सैंकड़ों लोग बारह पत्थर मैदान में सड़कों पर उतर आए। हल्की बारिश के बीच हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई जिसके बाद भीड़ ने बेरीकेडिंग तोड़कर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया।
दोपहर के समय बारिश की परवाह किए बिना करीब 500 से अधिक लोग बारह पत्थर मैदान पर एकत्रित हुए। हाथों में यूजीसी रोल बैक की तख्तियां और पोस्टर थामे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जनसभा के बाद जब यह भीड़ राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी तो सुरक्षा में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद एसडीएम सदर एसएन त्रिपाठी और सीओ सदर आंचल चौहान ने प्रदर्शनकारियों को मैदान के बाहर ही ज्ञापन सौंपने के लिए समझाया लेकिन भीड़ अपनी जिद पर अड़ी रही। पुलिस द्वारा लगाई गई बेरीकेडिंग को भीड़ ने धक्का-मुक्की करते हुए हटा दिया और कलेक्ट्रेट की तरफ कूच कर गई।
कलेक्ट्रेट के बाहरी गेट पर पुलिस ने दोबारा रोकने की कोशिश की जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। एएसपी सुशील कुमार और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आक्रोशित लोगों को शांत कराया। आखिरकार प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट गेट पर ही एडीएम दिग्विजय सिंह को ज्ञापन सौंपा और उसके बाद वापस लौट गए।
ये रहीं मुख्य मांगें
एडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में सवर्ण समाज ने राष्ट्रीय स्तर पर अधिकार-संपन्न सवर्ण आयोग के गठन, वर्तमान आरक्षण व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा करने और शिक्षा व सरकारी नौकरियों में योग्यता तथा आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता देने की मांग की। इसके साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं में बौद्धिक क्षमता और आर्थिक तंगी को मुख्य आधार बनाने की मांग उठाई गई। ज्ञापन देने वालो में राजू चौहान, सुनील काबरा, अखिलेश अग्रवाल, विशाल पांडेय, विक्रम सिसौदिया, अनुज जौहरी, शालू चौहान, प्रदीप कुमार, मनोज कुमार गुप्ता, ब्रजभान सिंह यदुवंशी आदि शामिल रहे।