उत्तर प्रदेश के कासगंज में करवा चौथ पर्व इस बार गजकेसरी सहित पांच राजयोग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही 21 मिनट तक भद्रा का भी साया रहेगा। एक साथ बन रहे पांच राज योगों के संयोगो को ज्योतिष काफी शुभ मान रहे हैं। ज्योतिषों का मानना है कि इन योगों के चलते सुहागिन महिलाओं के उपवास व पूजा करने से विशेष फल मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य पं. मुकुंद बल्लभ भट्ट बताते हैं कि विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन को बनाए रखने के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इसका पारण चांद निकलने पर किया जाता है। इस बार शाम 7.50 बजे से चंद्रोदय का समय है। करवा व्रत की शुरुआत हमेशा सरगी खाने से होती है, जो सूर्योदय से करीब दो घंटे पहले खाई जाती है।
इस दौरान करवा माता, भगवान गणेश और चंद्रमा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। इस बार करवा चौथ पर्व पर सुबह 06:24 से 06:46 तक भद्रा रहेगी। भद्रा काल के दौरान कोई संपत्ति या व्यापार की शुरुआत या निवेश करने से बचना चाहिए।
इस बार पर्व पर शश, गजकेसरी योग, समसप्तक, बुधादित्य और महालक्ष्मी योग बन रहे हैं। ये योग राज योग कहलाते हें। इन योगों का बनना काफी दुर्लभ माना जाता है। इसके साथ ही पर्व पर कृतिका नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है। इन योगों के चलते पर्व का महत्व काफी बढ़ गया है।
करवा चौथ पर न करें ये काम-
- करवा चौथ व्रत वाले दिन सुहागिनें अपने शृंगार में सफेद और काले रंग की वस्तु का प्रयोग न करें। इससे उनके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।
- भद्रा काल के दौरान कोई संपत्ति या व्यापार की शुरुआत या निवेश न करें।
- करवा चौथ पर पूजा के बाद श्रृंगार की बची वस्तु को इधर उधर न फेंकें, उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें।
- इस दिन धारदार चीजों के इस्तेमाल से बचें। किसी से कोई मनमुटाव न रखें और अपशब्द न कहें।
- व्रत पारण करने के बाद तामसिक भोजन ग्रहण न करें।