वन विभाग के अधिकारी यतेंद्र सिंह को सूचना दी गई। यतेंद्र सिंह अपनी टीम वन निरीक्षक महीपाल सिह, सुरेंद्र सिंह, पंकज सिंह व अखंडप्रताप सिंह को लेकर यहां आए। उन्होंने लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 9 बजे मगरमच्छ को रेक्यू किया। इसके बाद ही लोगों की सांस में सांस आई।
पास में नहीं कोई नहर, फिर कैसे आया मगरमच्छ
कस्बा भरगैन के आसपास कोई भी नहर नहीं है। यहां आसपास एक बंबा तो है लेकिन मगरमच्छ मिलने के स्थान से करीब तीन किमी दूर है। इसके बाद भी यहां मगरमच्छ कैसे आ गया, इसकी चर्चा लोगों की जुबान पर मंगलवार को पूरे दिन रही।