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UP News: घनी बस्ती में पहुंचा मगरमच्छ, चहलकदमी से मची भगदड़; घरों में कैद हुए लोग... बच्चों को नहीं भेजा स्कूल

Tue, 10 Sep 2024 07:45 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

कासगंज में घनी बस्ती में एक मगरमच्छ पहुंच गया। इसकी चहलकदमी से भगदड़ मच गई। लोग घरों में कैद हो गए। बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा। 
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UP News: घनी बस्ती में पहुंचा मगरमच्छ, चहलकदमी से मची भगदड़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कासगंज में घनी आबादी क्षेत्र में सोमवार की रात्रि में किसी समय मगरमच्छ घुस गया। मंगलवार को भोर में जानकारी होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को रेस्क्यू किया। उसके पकड़े जाने के बाद भी दहशत के चलते बच्चे मंगलवार को स्कूल नहीं गए।

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मामला पटियाली क्षेत्र के भरगैन कस्बा के मोहल्ला हसनथोक का है। यहां सोमवार की रात में एक मगरमच्छ घुस गया। भोर में करीब चार बजे जब लोग जागे तो उन्होंने गली में एक मगरमच्छ देखा। लोगों को देखकर मगरमच्छ यहां भूरा के पुराने मकान में घुस गया। इस दौरान मौके पर काफी सारे लोग एकत्रित हो गए। 

वन विभाग के अधिकारी यतेंद्र सिंह को सूचना दी गई। यतेंद्र सिंह अपनी टीम वन निरीक्षक महीपाल सिह, सुरेंद्र सिंह, पंकज सिंह व अखंडप्रताप सिंह को लेकर यहां आए। उन्होंने लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 9 बजे मगरमच्छ को रेक्यू किया। इसके बाद ही लोगों की सांस में सांस आई।
 

मगरमच्छ की चहलकदमी से मची भगदड़

मकान में घूसे मगरमच्छ को देखने के लिए काफी सारे लोग मौके पर एकत्रित हो गए। मगरमच्छ ने उन्हें देखकर मकान से निकलने का प्रयास किया तो लोगों में भगदड़ मच गई। इससे जमीन पर गिरकर शाकिर अली, बासिद अली, इश्तियाक, शराफत अली आदि चोटिल हो गए।
 

दहशत के कारण बच्चे नहीं भेजे स्कूल

मंगलवार की सुबह मगरमच्छ को वन विभाग ने पकड़ लिया लेकिन फिर भी लोगों ने अपने बच्चों को दहशत के कारण स्कूल ही नहीं भेजा। स्कूल जाने वाले मार्ग पर दोनों ओर घने पौधों के होने के कारण उन्हें डर था कि कहीं इसमें भी कोई मगरमच्छ न छिपा हो।
 
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पास में नहीं कोई नहर, फिर कैसे आया मगरमच्छ

कस्बा भरगैन के आसपास कोई भी नहर नहीं है। यहां आसपास एक बंबा तो है लेकिन मगरमच्छ मिलने के स्थान से करीब तीन किमी दूर है। इसके बाद भी यहां मगरमच्छ कैसे आ गया, इसकी चर्चा लोगों की जुबान पर मंगलवार को पूरे दिन रही।

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