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UP: 1 घंटे में अमेरिका, 15 मिनट में पहुंचेंगे गोवा,इस तकनीक से विमानों को मिलेगी हाइपर सुपरसोनिक से अधिक स्पीड

Sat, 28 Sep 2024 12:56 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आईआईटी कानपुर की डेटोनेशन ट्यूब तकनीक से विमानों को हाइपर सुपरसोनिक से अधिक स्पीड मिलेगी। इंजन पांच सालों में तैयार किया जाएगा।
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डेटोनेशन ट्यूब रिसर्च सुविधा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कभी सोचा है कि 16 घंटे की अमेरिका की यात्रा मात्र एक घंटे में पूरी हो जाए। गोवा जाने में जहां लखनऊ से फ्लाइट ढाई घंटे का समय लेती है अगर मात्र 15 मिनट में पहुंचा दे। यही नहीं दूसरे ग्रहों पर पहुंचने में लगने वाला महीनों का समय भी कुछ दिनों का हो जाए। अभी तो केवल यह कपोल कल्पनाओं जैसा लग रहा होगा, लेकिन आने वाले कुछ सालों में ऐसा संभव होता दिखाई दे रहा है।
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आईआईटी कानपुर के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने डेटोनेशन ट्यूब रिसर्च सुविधा का विकास किया है। जिसकी मदद से ऐसे इंजन तैयार होंगे जिनकी मदद से हाइपरसुपर सोनिक से भी अधिक गति मिल सकेगी। जिसका प्रयोग सैन्य व घरेलू विमानों में किया जा सकेगा। न केवल गति अधिक होगी बल्कि ईंधन का प्रयोग भी आधा हो जाएगा। इनसे तैयार होने वाले फाइटर प्लेन की रफ्तार इतनी अधिक होगी कि वह किसी रडार में नहीं आएंगे।
 
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विश्व की सर्वाधिक गति वाली मिसाइलें पांच मैक गति से उड़ान भरती हैं। मतलब ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक होती है। 5 मैक से कम गति को सुपरसोनिक और अधिक की गति को हाइपर सुपर सोनिक कहा जाता है। जबकि डेटोनेशन इंजन तकनीक से 12 से 15 मैक गति को आसानी से पाया जा सकेगा। पौराणिक घटनाओं में कैसे कुछ ही पल में लोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच जाते थे, ऐसी घटनाओं को भी अब वैज्ञानिक आधार मिल रहा है।

दो साल से तकनीक पर कर रहे काम
टीम का नेतृत्व करने वाले प्रो. अजय विक्रम सिंह ने बताया कि दो साल से इस तकनीक पर काम कर रहे हैं। यूरोप व अमेरिका समेत कई देशों में इस दिशा में अनुसंधान हुए हैं लेकिन डेटोनेशन तकनीक से इंजन का विकास करने में सफलता नहीं मिली है। डेटोनेशन से मिलने वाली ऊर्जा इसको नष्ट कर देती है। अभी तक प्रयोग में मात्र 10 सेकेंड में इंजन नष्ट हो गया। प्रो. सिंह ने कहा कि टीम ने इस ऊर्जा को नियंत्रित करने की विधि विकसित कर ली है।
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ओजोन गैस की मदद से गर्मी को नियंत्रित करना संभव हो गया है। इससे अब इंजन विकास की राह खुल गई है। कहा कि इस प्रयोग से ईंधन और आग के संपर्क में आने से लपटें के फैलने और उसके नियंत्रण का तरीका भी समझा गया है। इससे जंगलों में लगने वाली आग, खदान में होने वाले विस्फोट और पेट्रोलियम संस्थानों के सुरक्षा प्रोटोकाल को मजबूत किया जा सकेगा।

भारत की स्थिति होगी बेहतर
डेटोनेशन ट्यूब रिसर्च सुविधा वैश्विक एयरोस्पेस समुदाय में भारत की स्थिति को और बेहतर बनाएगी। देश को महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार करने के लिए उपकरण प्रदान करेगी। - प्रो. मणींद्र अग्रवाल, निदेशक
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