उन्होंने बताया कि 2018 में एक लेख में पढ़ा था कि भारत को विश्व गुरु बनने के लिए आईएफएस (भारतीय विदेश सेवा) अधिकारियों की जरूरत हैं। उसी दिन यह सोच लिया था कि कुछ ऐसा करना है कि जिससे अधिकारियों की कमी दूर कर सकूं।
वह भविष्य में आईएफएस अधिकारी बनकर यूनाइटेड नेशन में भारत का नेतृत्व करना चाहते हैं। वह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और किताबों से खुद तैयारी करते हैं, फिर पढ़ाते हैं। पुलिस विभाग में एएसपी राजेश पांडेय और सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉ. सिद्धार्थ अरोड़ा पढ़ाई में इनका मार्गदर्शन करते हैं। बड़ी बहन आनवी सिंह कक्षा आठ की छात्रा हैं, वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं। पिता डॉ. अंशुमन सिंह फिजियोथेरेपिस्ट और मां कंचन पाल सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।