कानपुर। हैलट के डायग्नोस्टिक हब के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को एक करोड़ 12 लाख रुपये मिले हैं। यह पहली किस्त है। हब का पूरा प्रोजेक्ट पांच करोड़ 60 लाख रुपये का है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों में यह प्रदेश का पहला डायग्नोस्टिक हब होगा। इसके बनने एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन समेत सभी डायग्नोस्टिक और पैथोलॉजिकल जांचों की सुविधा एक छत के नीचे रोगियों को मिल जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि डायग्नोस्टिक हब का निर्माण पावर ग्रि़ड कारपोरेशन के सीएसआर फंड से कराया जा रहा है। हब के भवन निर्माण की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश सहकारी संघ है। कारपोरेशन ने एक करोड़ 12 लाख रुपये की पहली किस्त दे दी है। हब के लिए पांच किस्तें सीएसआर फंड से दी जाएंगी। हब के भवन का निर्माण हैलट इमरजेंसी के सामने रैन बसेरा, 24 घंटे पैथोलॉजी और ओपीडी के कुछ हिस्से को गिराकर किया जाएगा। रैन बसेरा का भवन जर्जर हो चुका है। इसकी व्यवस्था हैलट में अलग से कर दी गई है।
डायग्नोस्टिक हब का भवन ग्राउंड फ्लोर के अलावा तीन तल का होगा। हर तल पर अलग-अलग व्यवस्था रहेगी। इसके बनने से रोगियों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल जाएंगी। हब में अत्याधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। रोगी को अलग जांचों के लिए एक से दूसरी जगह भागना नहीं पड़ेगा। रोगी को सैंपल देने और रिपोर्ट लेने के लिए भी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। एक ही स्थान पर रोगी का सैंपल ले लिया जाएगा। जांच रिपोर्ट मोबाइल पर भेज दी जाएगी। रोगी का ईमेल नंबर होगा तो उस पर रिपोर्ट भेज दी जाएगी। डायग्नोस्टिक हब का लाभ कानपुर मंडल के जिलों के अलावा आसपास के 18 जनपदों के रोगियों को मिलेगा।
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ग्राउंड फ्लोर: सैंपल कलेक्शन, ईसीजी, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, यूजर्स चार्ज काउंटर
प्रथम तल: सभी प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें होंगी
द्वितीय तल: प्रशासनिक भवन
तृतीय तल: विशेषज्ञता वाली जांचें
मैटरनिटी ब्लॉक में शिफ्ट होगी ओपीडी पैथोलॉजी
हैलट ओपीडी भवन में 24 घंटे चलने वाली पैथोलॉजी को मैटरनिटी विंग के ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जाएगा। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि इससे रोगियों को आसानी होगी। खासतौर पर मैटरनिटी ब्लाॅक के पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती होने वाले बच्चों की जांचों में आसानी रहेगी।