कानपुर हैलट के ब्लड बैंक से जरूरत पड़ने पर मेरठ, आगरा समेत दूसरे जिलों को खून रोगियों के लिए दे दिया जाता था लेकिन कोरोना काल में स्वैच्छिक रक्तदान की कमी के कारण खून लेना पड़ गया। सवा साल में हैलट ने डॉ. राममनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान लखनऊ से दो सौ यूनिट ब्लड उधार लिया।
साथ ही सीतापुर से 50 यूनिट ब्लड रोगियों को चढ़ाने के लिए लेना पड़ गया। स्थिति को देखते हुए हैलट प्रशासन ने स्वयंसेवी संस्थानों से आगे आने के लिए कहा गया है। हैलट में बहुत से रोगी और घायल ऐसे आते हैं जिनके पास कोई डोनर नहीं होता है। उन्हें ब्लड बैंक से निशुल्क ब्लड दिया जाता है।
इसके अलावा स्वयंसेवी संस्थाएं रक्तदान शिविर लगाती हैं। शिविरों से जो खून मिलता है, उससे गंभीर रोगियों की जान बचती है। लेकिन कोरोना काल में संक्रमण के फैलाव और लॉकडाउन की वजह से शिविरों का आयोजन नहीं हो पाया। थोड़ा बहुत जो खून मिला, वह जरूरत से कम था। इससे ब्लड बैंक का स्टाक खाली हो गया। खासतौर पर निगेटिव ग्रुप वाले खून की बहुत कमी है। ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. लुबना खान ने बताया कि जो ब्लड मिला, सब रोगियों को चढ़ा दिया गया है।
ब्लड की स्थिति
वर्ष 2018-19
स्वैच्छिक रक्तदान-16202
रिप्लेसमेंट-8133
कुल ब्लड मिला-24335 यूनिट
-थैलेसीमिया पीड़ितों को दिया 483 यूनिट, जननी सुरक्षा में दिया 4561 यूनिट, डोनर फ्री 9042 यूनिट
वर्ष 2019-20
स्वैच्छिक रक्तदान-17238
रिप्लेसमेंट-7164
कुल ब्लड मिला-24402 यूनिट
-थैलेसीमिया पीड़ितों को दिया 655 यूनिट, जननी सुरक्षा में 3258 यूनिट, डोनर फ्री 9705 यूनिट
वर्ष 2020-21
स्वैच्छिक रक्तदान-12873
रिप्लेसमेंट-4354
कुल ब्लड मिला-17227
-थैलेसीमिया पीड़ितों को दिया 2403 यूनिट, जननी सुरक्षा को दिया 2067 यूनिट, डोनर फ्री 9898 यूनिट