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Kanpur: दरोगा पर बैड टच का आरोप लगाने वाली महिला बयानों से पलटी, आरोपों के आधार पर प्रतिकुल प्रविष्ट की सजा

Fri, 07 Feb 2025 05:25 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने चाैकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह को निलंबित करके जांच बैठा दी थी। सीपी की स्टाफ अफसर अमिता सिंह ने मामले की जांच रिपोर्ट डीसीपी पूर्वी को सौंप दी थी।
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सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के फेथफूलगंज चौकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह के सर्विस रिकॉर्ड में बैड एंट्री (प्रतिकूल प्रविष्टि) दी गई है। पहले उसकी नौकरी पर आफत आन पड़ी थी। हालांकि मुंबई से शहर लाते वक्त बैड टच का आरोप लगाने वाली युवती अपने बयानों से पलट गई। हालांकि दरोगा की पत्नी और एक अन्य महिला अपने आरोपों पर कायम रही। इसके चलते प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। इस कार्रवाई के साथ ही दरोगा को बहाल भी कर दिया गया है। बैड एंट्री मिलने के साथ ही अब एक साल तक दरोगा को न्यूनतम वेतन के साथ ही प्रमोशन पर भी रोक लगा दी गई है।

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पिछले साल अक्तूबर माह में फेथफुलगंज क्षेत्र से लापता युवती की लोकेशन मुंबई में मिली थी। उच्चधिकारियों के आदेश पर तत्कालीन फेथफुलगंज चौकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह टीम के साथ मुंबई रवाना हुए। आरोप था कि वापसी के दौरान दरोगा ने पूरे रास्ते करीब 1000 किमी तक उसके साथ अश्लील हरकतें की। इस दौरान दरोगा ने युवती के भाई को नासिक में उतार दिया था। युवती ने कानपुर पहुंचकर इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी।

सर्विस रिकार्ड में बैड इंट्री की है
मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने चाैकी इंचार्ज गजेंद्र सिंह को निलंबित करके जांच बैठा दी थी। सीपी की स्टाफ अफसर अमिता सिंह ने मामले की जांच रिपोर्ट डीसीपी पूर्वी को सौंप दी थी। सीपी की स्टाफ अफसर ने अपनी जांच रिपोर्ट में लिखा है कि जांच के दौरान ऐसे तथ्य नहीं मिले जिससे बैड टच की घटना साबित हो। लिहाजा दरोगा की पत्नी और एक अन्य महिला पुलिस कर्मियों के आरोपों पर उसे दोषी माना गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी ने उसे सर्विस रिकार्ड में बैड इंट्री की है।
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डीसीपी द्वारा दरोगा को बैड एंट्री दी गई है। इससे एक साल तक उसका प्रमोशन नहीं हो पाएगा। वेतन में भी कुछ बदलाव होगा और थाना मिलने में भी समस्या आएगी।  -विपिन मिश्रा, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर
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