फतेहपुर। दुकानों में मिलावटी शराब की बिक्री और स्टॉक की हेराफेरी रोकने के लिए प्वाइंट आफ सेल (पीओएस) मशीन अभी तक किसी भी दुकान में नहीं दिखाई दे रही हैं।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दुकानदारों को मशीनें तो सौंप दी गईं हैं, लेकिन उनमें अभी दुकान का लाइसेंस नंबर फीड नहीं है। लिहाजा अभी मशीनों के संचालन में वक्त लग सकता है।
मशीन में डंप शराब, बिक्री का ब्यौरा एकत्र होगा। मशीन की मदद से शराब स्कैन कर बेची जाएगी। सदर, बिंदकी और खागा तहसील में कुल 462 शराब की दुकानें संचालित हैं। इनमें 314 देसी, 79 अंग्रेजी और 68 बीयर और एक माडल शॉप है।
दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। आबकारी विभाग की ओर से मिलवाट खोरी और स्टाक की हेराफेरी रोकने के लिए पीओएस मशीनें भेजी गईं हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है। आबकारी विभाग के निरीक्षक रॉबिन आर्या ने बताया कि सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मी जल्द ही मशीनों को चालू करेंगे।
पीओएस मशीन की कीमत 32 हजार रुपये है। दुकान के अंदर स्टैंड में मशीन रखी जाएगी। दुकानदारों को मशीन निशुल्क दी गई है लेकिन खोने, चोरी होने पर 32 हजार रुपये अनुज्ञापी को जमा करना पड़ेगा।
अनुज्ञापियों के लिए मशीनों का संचालन किसी मुसीबत से कम नहीं है। देहात क्षेत्रों में नेटवर्क न होने पर बिक्री में असर आएगा। इसके अलावा बिजली की कटौती से चार्जिंग की समस्या भी आ सकती है।