मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर पूर्व एशिया में इस बार कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। उत्तर प्रदेश में पारा अगले दो दिन में तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिर सकता है। मौसम की इस स्थिति के लिए ला नीना को जिम्मेदार बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के कानपुर सहित आसपास के जिलों में इस बार कड़कड़ाती ठंडक पड़ेगी। मौसम विभाग ने अनुमान जाहिर किया है कि इस बार प्रशांत महासागर में होने वाली प्राकृतिक घटना ला लीना (तूफान) के प्रभाव से ठंड अधिक तेज होगी।
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इस मौसम में हवाएं उत्तर पूर्व की तरफ बहती हैं। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ अधिक होते हैं। इससे उत्तर पश्चिम में बारिश और बर्फबारी होती है। इससे शीत लहरी चलने लगती है। सीएसए के मौसम विभाग के प्रभारी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ला लीना में समुद्र तल का तापमान कम हो जाता है।
इससे ठंडक होने लगती है। इसके असर से बीच-बीच में शीत लहर आएगी। ला लीना प्रभाव वाले साल में हवा सर्दियों में अधिक तेज बहती है। भूमध्य रेखा और उसके पास का पानी सामान्य से अधिक ठंडा हो जाता है। महासागर का तापमान प्रभावित होने से मौसम प्रभावित होता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बीच बारिश के आसार नहीं हैं। जिन किसानों को फसलों की बुवाई करनी है, वे कर सकते हैं।
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क्या है ला लीना
ला लीना स्पेनिश भाषा का शब्द है। इसका मतलब होता है छोटी बच्ची। यह प्राकृतिक घटना प्रशांत महासागर में घटित होती है। इसका प्रभाव मौसम पर पड़ता है। इसकी विपरीत प्रक्रिया को अल नीनो कहते हैं। इसका मतलब होता है छोटा बच्चा।