गंगा बैराज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में मुख्य पाइपलाइन फटने से भरा पानी
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जल निगम के गंगा बैराज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद करने से शुक्रवार को सिटी से साउथ तक करीब 10 लाख लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। प्लांट परिसर में टूटी मुख्य पाइप लाइन की मरम्मत के लिए डीवाटरिंग पंप लगाकर दिन, रात में भी पानी निकाला जाता रहा। मरम्मत कार्य 28 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है, तब तक बैराज से पानी की आपूर्ति ठप रहेगी।
गंगा बैराज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 23 सितंबर को मुख्य पाइप लाइन टूटने से पूरे परिसर में पानी भर गया था। जल निगम ने प्लांट बंद कर शुक्रवार को मरम्मत कराने के लिए वहां भरा पानी निकलवाना शुरू किया। दिनभर डीवाटरिंग पंप लगाकर प्लांट का पानी परमिया नाले में डाला जाता रहा, फिर भी प्लांट में पानी भरा था। जल निगम के अवर अभियंता राहुल तिवारी ने बताया कि रातभर डीवाटरिंग पंपों के माध्यम से पानी निकाला जाएगा। शनिवार सुबह तक सारा पानी निकलने की उम्मीद है। ऐसा होत ही क्षतिग्रस्त पाइप की मरम्मत करा दी जाएगी। पांच दिन का ब्लाक लिया है, पर तीन दिन में ही कार्य पूरा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द बैराज से पानी की आपूर्ति शुरू हो सके।
इन मोहल्लों में रही पानी की किल्लत
पटकापुर, कुरसवां, तारघर रोड, इटावा बाजार, हरवंश मोहाल, शास्त्री नगर, विजय नगर, पांडु नगर, काकादेव, दादा नगर, बर्रा, जूही लाल कालोनी, गोविंद नगर, निराला नगर, साकेत नगर, जूही गोशाला, बारादेवी आदि।