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Vikas Dubey Encounter: आठ दिन, छह एनकाउंटर और विकास दुबे की गैंग खल्लास!!

Fri, 10 Jul 2020 12:14 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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विकास दुबे के गैंग को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिरााया - फोटो : Amar Ujala
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खून की स्याही से लिखी गई जुर्म की इबारत पर कानून ने समाप्त की मुहर लगा ही दी। और इसी के साथ कानपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिस वालों की हत्या करने वाले पांच लाख रुपये के इनामी गैंगस्टर विकास दुबे की कहानी आखिरकार खत्म हुई।
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नौ जुलाई को उज्जैन में महाकाल शिवमंदिर परिसर से पुलिस की गिरफ्त में आया विकास अब किसी का खून नहीं बहा सकेगा। उसने वही काटा जो बोया था। साथ ही उसकी गैंग के सभी नामी गुंडे-बदमाश भी अब पुलिस की फाइलों में बंद हो गए हैं। मध्यप्रदेश के उज्जैन से कानपुर लेकर आते समय उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ टीम का एक वाहन पलट गया था। उसी समय बची आपाधापी का फायदा उठाकर विकास दुबे ने भागने की कोशिश की और पुलिस की गोलियों का शिकार हो गया।

कानपुर कांड के आठ दिन बाद हुआ ढेर

विकास दुबे - फोटो : amar ujala
पिछले हफ्ते आठ पुलिसवालों की हत्या करने वाले कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को शुक्रवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ में मार दिया है। उसे मध्यप्रदेश से कानपुर ला रही यूपी एसटीएफ की गाड़ी रास्ते में पलट गई। मौका पाकर उसने पुलिसकर्मियों से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया। इस तरह आतंक का पर्याय बन चुके दुबे का अंत हो गया। वहीं गाड़ी में मौजूद एसटीएफ के दो कर्मचारी भी घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए हैलेट अस्पताल पहुंचाया गया है। 

Vikas Dubey: हत्यारा विकास दुबे एनकाउंटर में खल्लास!, सामने आई मौत के बाद की पहली तस्वीरें

कानपुर कांड के कुछ देर बाद मारा गया था मामा और अतुल दुबे

घटनास्थल की ओर जाती पुलिस - फोटो : PTI
कानपुर एनकाउंटर के बाद तीन जुलाई को पुलिस की बिकरू गांव के जंगलों में विकास दुबे के गैंग से मुठभेड़ हो गई। इसमें पुलिस ने विकास के मामा मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और साथी अतुल दुबे को मार गिराया था। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। मामले को लेकर कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया था कि मुठभेड़ में मारे गए बदमाशों के पास से पुलिस से लूटी गई पिस्टल बरामद हुई है। जिससे यह साफ होता है कि बदमाश कानपुर एनकाउंटर के दौरान मौके पर मौजूद थे।

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हमीरपुर में मारा गया विकास दुबे का ‘दायां हाथ’ अमर दुबे

विकास दुबे का करीबी साथी अमर दुबे (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
एक जुलाई को तड़के यूपी के हमीरपुर में यूपी एसटीएफ और हमीरपुर पुलिस ने मुठभेड़ में विकास दुबे का राइड हैंड कहे जाने वाले और सबसे खास आदमी अमर दुबे को मार गिराया था। मुठभेड़ में मौदहा इंस्पेक्टर मनोज शुक्ल और एसटीएफ के सिपाही घायल हो गए थे जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अमर को विकास के शूटरों में सबसे भरोसेमंद माना जाता था। वो राइफल लेकर हमेशा विकास के साथ रहता था। उसकी हाल ही में शादी हुई थी।

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प्रभात मिश्रा की मुठभेड़ में मौत

प्रभात मिश्रा (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
कानपुर पुलिस टीम जब फरीदाबाद से गिरफ्तार विकास दुबे के खास आदमी प्रभात मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर कानपुर आ रही थी तभी बीच रास्ते में उसने पुलिस से पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने पुलिस पर गोली चलाई। पुलिस ने भी उसपर गोली चलाई जिससे वो घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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इटावा में मारा गया प्रवीण उर्फ बउवा

प्रवीण कुमार को मार गिराने के बाद घटनास्थल की जांच करती पुलिस (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
विकास दुबे के एक और करीबी प्रवीण उर्फ बउवा को पुलिस ने नौ जुलाई को इटावा मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिकरू गांव निवासी प्रवीण उर्फ बउवा ने महेवा के पास हाईवे पर स्विफ्ट डिजायर कार को लूटा था। उसके साथ तीन और बदमाश थे। पुलिस को जैसी ही लूट की सूचना मिली चारों को सिविल लाइन थाने के काचुरा रोड पर घेर लिया गया। इसके बाद पुलिस और बउवा के बीच फायरिंग शुरू हो गई। फायरिंग के दौरान बउवा ढेर हो गया। हालांकि उसके तीन साथी भागने में सफल रहे।

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